PM Modi Pune Metro Projects : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पुणे में मेट्रो परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करते हुए विकास, गरीबी उन्मूलन और शहरी सुविधाओं को लेकर अपनी सरकार का विजन सामने रखा। इस दौरान उन्होंने दावा किया कि देश के 50 करोड़ लोग गरीबी रेखा से बाहर आए हैं। उन्होंने पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले गरीबी हटाने के नाम पर केवल नारे दिए जाते थे और सरकारी पैसा भाई-भतीजावाद की भेंट चढ़ जाता था। प्रधानमंत्री ने पुणे के लिए करीब 21,800 करोड़ रुपये की मेट्रो परियोजनाओं की भी सौगात दी।
गरीबी के खिलाफ लड़ाई पर पीएम का दावा
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि देश की कई पीढ़ियां गरीबी हटाओ के नारों और वादों के बीच बड़ी हुई हैं। पहले गरीबी के खिलाफ लड़ाई केवल नारों तक सीमित रहती थी, लेकिन अब भारत जमीन पर गरीबी को परास्त कर रहा है। उन्होंने दावा किया कि पिछले वर्षों में 50 करोड़ लोगों ने गरीबी रेखा को पार किया है। पीएम ने कहा कि भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल होने के साथ गरीबी कम करने के मामले में भी तेजी से आगे बढ़ रहा है।
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पुणे को मिली 21,800 करोड़ की मेट्रो सौगात
प्रधानमंत्री ने पुणे में लगभग 21,800 करोड़ रुपये की मेट्रो परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इसमें 8,300 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से तैयार 23 किलोमीटर लंबी पिंक लाइन शामिल है। यह लाइन मान से जिला न्यायालय तक जाएगी और हिंजेवाड़ी के आईटी हब को शिवाजीनगर से जोड़ेगी। इससे आईटी सेक्टर में काम करने वाले हजारों कर्मचारियों और दूसरे यात्रियों को राहत मिलने की उम्मीद है। इस लाइन का संचालन महिला ट्रेन ऑपरेटर करेंगी और इसकी लगभग 30 प्रतिशत बिजली जरूरत सौर ऊर्जा से पूरी करने की योजना है।
चार नए कॉरिडोर से बढ़ेगी कनेक्टिविटी
पुणे मेट्रो के दूसरे चरण में करीब 13,500 करोड़ रुपये की लागत से चार नए कॉरिडोर विकसित किए जाएंगे। इनमें लाइन 2ए, 2बी, 4 और 4ए शामिल हैं। ये कॉरिडोर वनाज से चांदनी चौक, रामवाड़ी से विठ्ठलवाड़ी, खराड़ी से खड़कवासला और नाल स्टॉप से माणिक बाग को जोड़ेंगे। इनके शुरू होने से खराड़ी, मगरपट्टा, हड़पसर, स्वारगेट, पुणे कैंटोनमेंट और वारजे समेत कई इलाकों की आवाजाही आसान होगी।
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12 साल में मेट्रो नेटवर्क का विस्तार
पीएम मोदी ने कहा कि 2014 तक देश के केवल पांच शहरों में मेट्रो सेवा उपलब्ध थी और नेटवर्क की लंबाई करीब 248 किलोमीटर थी। अब यह नेटवर्क बढ़कर लगभग 1,400 किलोमीटर हो गया है और 26 शहरों तक मेट्रो पहुंच चुकी है। उन्होंने बताया कि हर दिन एक करोड़ से अधिक यात्री मेट्रो से सफर कर रहे हैं। प्रधानमंत्री के मुताबिक, भारत का मेट्रो नेटवर्क अब दुनिया के शीर्ष तीन नेटवर्क में शामिल है।
छोटे शहरों को आर्थिक केंद्र बनाने की तैयारी
प्रधानमंत्री ने कहा कि किसी शहर की पहचान उसकी प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता और वहां रहने की सुविधा से होती है। मेट्रो जैसी परियोजनाएं दोनों पहलुओं को मजबूत करती हैं और लोगों के जीवन की गुणवत्ता बेहतर बनाती हैं। उन्होंने छोटे शहरों को भी विकास के बड़े केंद्र के रूप में तैयार करने की बात कही। इसके लिए सरकार ने शहरी चुनौती कोष को मंजूरी दी है, जिसमें केंद्र एक लाख करोड़ रुपये की सहायता दे रहा है। पीएम ने स्थानीय निकायों और निजी क्षेत्र से इस पहल में भागीदारी करने की अपील की।