संसद के मानसून सत्र की शुरुआत से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की वैज्ञानिक उपलब्धियों और युवाओं की क्षमता का उल्लेख करते हुए विपक्ष पर परोक्ष निशाना साधा। उन्होंने कहा कि 28 साल के युवा इंजीनियर और वैज्ञानिक नई उपलब्धियां हासिल कर रहे हैं। इसी दौरान उन्होंने बिना किसी का नाम लिए "56 साल के युवा" का जिक्र किया, जिसे राजनीतिक गलियारों में कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर तंज के रूप में देखा जा रहा है।
मानसून सत्र शुरू होते ही दिखा राजनीतिक ताप
सोमवार से संसद के मानसून सत्र की शुरुआत हुई। लोकसभा की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी सांसदों ने विभिन्न मुद्दों को लेकर हंगामा किया। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सदन में व्यवस्था बनाए रखने और सदस्यों से शांतिपूर्वक कार्यवाही चलाने की अपील की, लेकिन शोर-शराबे के कारण सदन का माहौल काफी गर्म रहा।
पीएम मोदी ने युवाओं की उपलब्धियों का किया उल्लेख
संसद परिसर में मीडिया को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की आर्थिक प्रगति, अंतरिक्ष क्षेत्र में हो रही प्रगति और युवाओं की भूमिका की सराहना की। उन्होंने स्काईरूट एयरोस्पेस के सफल रॉकेट लॉन्च का जिक्र करते हुए कहा कि 28 वर्ष के युवा इंजीनियरों और वैज्ञानिकों ने ऐसी उपलब्धि हासिल की है, जिस पर पूरा देश गर्व कर रहा है। उन्होंने कहा कि युवाओं की मेहनत और नवाचार भारत को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा रहे हैं।
'56 साल के युवा' वाले बयान पर सियासी चर्चा
अपने संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री ने कहा कि यह उपलब्धि "28 साल के युवाओं" की मेहनत का परिणाम है, "56 साल के युवा" की नहीं। हालांकि उन्होंने किसी नेता का नाम नहीं लिया, लेकिन उनके इस बयान को कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर परोक्ष राजनीतिक टिप्पणी के रूप में देखा जा रहा है। इस टिप्पणी के बाद राजनीतिक हलकों में बयान को लेकर चर्चा तेज हो गई।
'प्रो-एक्टिव मानसून और मानसून सत्र देश के लिए बेहतर'
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि जैसे अच्छा मानसून देश के लिए लाभकारी होता है, उसी तरह यदि संसद का मानसून सत्र भी सकारात्मक और सक्रिय तरीके से चले तो उसका लाभ पूरे देश को मिलता है। उन्होंने कहा कि जब मानसून और मानसून सत्र दोनों ही प्रो-एक्टिव और प्रोडक्टिव हों, तो विकास की गति तेज होती है और देश के कल्याण के लिए बेहतर परिणाम सामने आते हैं।