Ayodhya Ram Mandir News:अयोध्या एक बार फिर ऐतिहासिक क्षण का साक्षी बनने जा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नवंबर में राम मंदिर के ध्वजारोहण समारोह में शामिल हो सकते हैं। श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने इसकी तैयारी पूरी कर ली है और पीएमओ से औपचारिक अनुमति भी मिल गई है। यह कार्यक्रम 23 से 25 नवंबर के बीच आयोजित किया जाएगा। अगर प्रधानमंत्री मोदी इसमें शामिल होते हैं, तो यह उनका छठा अयोध्या दौरा होगा।
तीन दिन तक चलेगा भव्य ध्वजारोहण समारोह
श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपतराय ने पुष्टि की है कि कार्यक्रम की तारीख तय कर दी गई है और पीएम मोदी के शामिल होने की मंजूरी पीएमओ से मिल चुकी है। तीन दिन तक चलने वाले इस आयोजन में राम मंदिर और उसके सात पूरक मंदिरों की चोटियों पर सनातन ध्वजा फहराई जाएगी। यह आयोजन राम मंदिर निर्माण के समापन के प्रतीक के रूप में देखा जा रहा है।
मंदिर निर्माण कार्य अक्टूबर तक पूरा
राम मंदिर का निर्माण कार्य लगभग अपने अंतिम चरण में है। ट्रस्ट के मुताबिक, अक्टूबर 2025 तक पूरा मंदिर निर्माण कार्य पूरा कर लिया जाएगा। इसके बाद नवंबर में ध्वजारोहण के माध्यम से इस ऐतिहासिक यात्रा का एक नया अध्याय शुरू होगा। श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट इस आयोजन को उत्सव की तरह मनाने की तैयारी कर रहा है, जिसमें करीब 10,000 अतिथियों को आमंत्रित किया जाएगा।
RSS प्रमुख मोहन भागवत की उपस्थिति तय
इस कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक मोहन भागवत की उपस्थिति तय हो चुकी है। वहीं, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के आने पर फिलहाल अंतिम निर्णय नहीं हुआ है। राष्ट्रपति भवन से उनकी स्वीकृति की प्रतीक्षा की जा रही है। हालांकि, ट्रस्ट ने पहले ही राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री दोनों को औपचारिक निमंत्रण भेजा था।
अयोध्या फिर बनेगी केंद्र बिंदु
अयोध्या जनवरी में हुए रामलला प्राण प्रतिष्ठा समारोह के बाद एक बार फिर राष्ट्रीय और धार्मिक महत्व के आयोजन का केंद्र बनने जा रही है। इस बार ध्वजारोहण कार्यक्रम न केवल मंदिर के पूर्ण निर्माण का प्रतीक होगा, बल्कि यह सनातन परंपरा और भारतीय सांस्कृतिक गौरव के प्रदर्शन का भी अवसर बनेगा।
माना जा रहा है कि पीएम मोदी इस दौरान अयोध्या के विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा भी कर सकते हैं और शहर में चल रही परियोजनाओं का निरीक्षण करेंगे।