Appeals To Save Fuel: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसाधनों के संतुलित उपयोग और ईंधन बचत का संदेश देते हुए अपने घरेलू दौरों के दौरान काफिले का आकार छोटा कर दिया है। हालिया यात्राओं में उनके काफिले में पहले की तुलना में कम वाहन शामिल किए गए। इसे प्रधानमंत्री की ओर से जनता के सामने खुद उदाहरण पेश करने की पहल माना जा रहा है।
सुरक्षा व्यवस्था से नहीं किया गया समझौता
जानकारी के अनुसार, पीएम मोदी की वडोदरा और गुवाहाटी यात्राओं के दौरान काफिले में गैरजरूरी वाहनों की संख्या घटाई गई। हालांकि, सुरक्षा से जुड़े सभी जरूरी इंतजाम पहले की तरह बनाए रखे गए। एसपीजी के सुरक्षा प्रोटोकॉल में कोई बदलाव नहीं किया गया और सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह मजबूत रखी गई।
ट्रैफिक और ईंधन बचत को लेकर संदेश
प्रधानमंत्री के इस फैसले को प्रशासनिक दक्षता और आम लोगों की सुविधा से भी जोड़कर देखा जा रहा है। लंबे वीवीआईपी काफिलों के कारण अक्सर शहरों में ट्रैफिक जाम की स्थिति बन जाती है। ऐसे में छोटे काफिले से लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है। साथ ही ईंधन की खपत कम करने का संदेश भी सामने आया है।
बेहतर इस्तेमाल पर जोर
प्रधानमंत्री मोदी के फैसले के बाद कई राज्यों में भी सरकारी स्तर पर काफिले छोटे करने को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। कुछ राज्यों में मुख्यमंत्री और मंत्रियों के काफिलों में भी वाहनों की संख्या सीमित करने के निर्देश दिए गए हैं। इसे गैरजरूरी खर्च कम करने और सरकारी संसाधनों के बेहतर उपयोग की दिशा में कदम माना जा रहा है।
बचत की अपील
हाल ही में हैदराबाद में एक कार्यक्रम के दौरान पीएम मोदी ने लोगों से ईंधन बचाने और विदेशी मुद्रा की खपत कम करने की अपील की थी। उन्होंने कहा था कि लोग वर्क फ्रॉम होम, ऑनलाइन मीटिंग और कार पूलिंग जैसे विकल्प अपनाएं। प्रधानमंत्री ने पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों के बीच संसाधनों के जिम्मेदार उपयोग पर जोर दिया था।