नरेंद्र मोदी सोमवार को सोमनाथ मंदिर पहुंचे, जहां उन्होंने मंदिर के पुनर्निर्माण के 75 वर्ष पूरे होने पर आयोजित ‘अमृत पर्व’ कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस दौरान पूरे मंदिर परिसर में हर-हर महादेव के जयकारों से माहौल भक्तिमय हो गया। प्रधानमंत्री ने विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना की और मंदिर के भव्य शिखर का कुंभाभिषेक किया।
11 पवित्र तीर्थों के जल से हुआ अभिषेक
भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में शामिल सोमनाथ मंदिर में विशेष धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किया गया। मंदिर के शिखर का देश के 11 पवित्र तीर्थों से लाए गए जल से कुंभाभिषेक किया गया। इस मौके पर देशभर से आए साधु-संत, कलाकार और श्रद्धालु बड़ी संख्या में मौजूद रहे। कार्यक्रम को मंदिर के पुनर्निर्माण और भारतीय सांस्कृतिक विरासत के प्रतीक के रूप में देखा जा रहा है।
रोड शो में उमड़ा जनसैलाब
सोमनाथ पहुंचने से पहले प्रधानमंत्री ने भव्य रोड शो भी किया। उनके साथ भूपेंद्र पटेल और हर्ष संघवी भी मौजूद रहे। सड़क के दोनों ओर हजारों लोग पीएम के स्वागत के लिए खड़े नजर आए। लोगों ने झंडे और बैनर लहराकर उनका अभिनंदन किया, जबकि “मोदी-मोदी” और “हर-हर महादेव” के नारों से पूरा शहर गूंज उठा।
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75 साल पूरे होने पर विशेष आयोजन
यह कार्यक्रम भारत के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद द्वारा पुनर्निर्मित सोमनाथ मंदिर के उद्घाटन के 75 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन और सोशल मीडिया पोस्ट में सोमनाथ मंदिर को भारतीय सभ्यता, आस्था और पुनर्जागरण का प्रतीक बताया।
सोमनाथ को बताया सभ्यता का प्रतीक
प्रधानमंत्री मोदी ने अपनी यात्रा से पहले साझा किए गए लेख में कहा कि सोमनाथ का इतिहास विनाश से पुनर्निर्माण और संघर्ष से सृजन की यात्रा को दर्शाता है। उन्होंने उन लोगों को श्रद्धांजलि दी जिन्होंने सदियों तक तमाम चुनौतियों के बावजूद मंदिर की गरिमा को बनाए रखने और पुनर्स्थापित करने के लिए संघर्ष किया। पीएम का यह दौरा धार्मिक और सांस्कृतिक दोनों दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।