
लोकसभा में ऑपरेशन सिंदूर पर हुई चर्चा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विपक्ष, खासकर कांग्रेस के आरोपों का करारा जवाब दिया। उन्होंने कहा कि यह सत्र भारत के "विजयोत्सव" का प्रतीक है, जो सेना के शौर्य, 140 करोड़ भारतीयों की इच्छाशक्ति और दुश्मनों को मिट्टी में मिलाने की गाथा है। पीएम मोदी ने साफ किया कि ऑपरेशन सिंदूर की शुरुआत भारत की आत्मरक्षा के तहत की गई थी और किसी भी देश ने इसे रोकने की कोशिश नहीं की। उन्होंने कांग्रेस को निशाने पर लेते हुए कहा कि जब आतंकी रोते हैं, उनके आका रोते हैं, तो यहां भी कुछ लोग रोते हैं। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि पाकिस्तान और उसके आतंकी आकाओं को अब यह स्पष्ट संदेश मिल गया है कि भारत अब हमला सहन नहीं करेगा, बल्कि घुसकर जवाब देगा।
पीओके और कांग्रेस की सुरक्षा नीति पर सवाल
पीएम मोदी ने संसद में सवाल उठाने वालों को जवाब देते हुए पीओके को लेकर भी कांग्रेस पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि आज जो लोग पूछते हैं कि पीओके वापस क्यों नहीं लिया, उन्हें यह जानना चाहिए कि आजादी के बाद जिन सरकारों ने राष्ट्रीय सुरक्षा से समझौता किया, उन्हीं के कारण ये हालात बने। 1965 में हाजीपीर दर्रे पर सेना की जीत को वापस कर देना, 1971 के युद्ध में 93 हजार पाक सैनिकों की वापसी के बावजूद पीओके न लेना – ये सभी कांग्रेस के ऐतिहासिक अवसरों को गवाने के उदाहरण हैं। मोदी ने कहा कि कांग्रेस ने कारगिल विजय को भी कभी नहीं अपनाया, और डोकलाम जैसे मामलों में भी पाकिस्तान को बचाने की कोशिश की।
आतंकी ठिकानों पर करारा वार, दुनिया से मिला समर्थन
पीएम मोदी ने बताया कि ऑपरेशन सिंदूर एक सुनियोजित जवाबी हमला था, जिसका मकसद पहलगाम हमले की योजना और ट्रेनिंग देने वाले ठिकानों को ध्वस्त करना था। सेना को खुली छूट दी गई थी कि वह कैसे और कब कार्रवाई करे, और सेना ने सौ फीसदी टारगेट को सफलतापूर्वक तबाह किया। उन्होंने कहा कि भारत ने आतंकियों की "नाभि" पर प्रहार किया। पाकिस्तान को चेतावनी देने के बावजूद उसने आतंकी संगठनों की मदद की, तो भारतीय सेना ने ऐसी करारी कार्रवाई की, जिसे पाकिस्तान वर्षों तक भूलेगा नहीं। पीएम मोदी ने यह भी बताया कि दुनिया के अधिकांश देशों ने भारत का समर्थन किया, सिर्फ तीन देशों ने पाकिस्तान का पक्ष लिया।
कांग्रेस का पाकिस्तान पर निर्भर होना दुर्भाग्यपूर्ण
अपने भाषण में पीएम मोदी ने कांग्रेस पर तीखा हमला करते हुए कहा कि यह दुर्भाग्य है कि भारत की सैन्य कार्रवाई का समर्थन पूरी दुनिया से तो मिला, लेकिन देश के भीतर कांग्रेस से नहीं मिला। उन्होंने कहा कि कांग्रेस बार-बार सेना से सबूत मांगती है, चाहे वो सर्जिकल स्ट्राइक हो, बालाकोट एयरस्ट्राइक हो या बीएसएफ जवान की वापसी। उन्होंने राहुल गांधी के उस बयान को भी आड़े हाथों लिया जिसमें उन्होंने कहा था कि "56 इंच की छाती कहां गई?" पीएम मोदी ने कहा कि कांग्रेस पाकिस्तान पर आश्रित रहकर मुद्दे तलाशती है, जबकि भारतीय सेना अब दुश्मन को जवाब देने के लिए पूरी तरह सक्षम और तैयार है।