Noida News: गोवा के श्री संस्थान गोकर्ण पर्तग़ाली जीवोत्थम मठ में 27 नवंबर 2025 को उस समय ऐतिहासिक पल आया जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 77 फीट ऊँची भगवान श्रीराम की कांस्य प्रतिमा का भव्य अनावरण किया। यह प्रतिमा अब विश्व की सबसे ऊँची कांस्य प्रतिमा बन गई है और यह गौरव नोएडा को प्राप्त हुआ है, क्योंकि इस अद्भुत प्रतिमा को बनाने वाले महान मूर्तिकार पद्म भूषण राम वनजी सुतार इसी नोएडा (सेक्टर-63) में अपने स्टूडियो में प्रतिमाओं को रचते हैं। वे नोएडा के सेक्टर 19 में रहते हैं।
प्रतिमा बनाने में 4 साल से अधिक समय लगा
101 वर्षीय राम सुतार देश के सबसे प्रसिद्ध मूर्तिकार हैं, जिन्होंने गुजरात में 182 मीटर ऊँची ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’, दिल्ली में महात्मा गांधी, डॉ. आंबेडकर, नेहरू जी सहित सैकड़ों प्रतिमाएँ बनाई हैं। अब उन्होंने गोवा में भगवान राम की यह भव्य कांस्य प्रतिमा तैयार की है जो 77 फीट ऊँची है और इसका वजन लगभग 100 टन है। इस प्रतिमा को बनाने में 4 साल से अधिक का समय लगा और इसमें करीब 50 कारीगरों की टीम ने दिन-रात काम किया।
नोएडा से गोवा तक का सफर
राम सुतार जी के पुत्र अनिल रामसुतार ने बताया कि प्रतिमा को पहले नोएडा के उनके स्टूडियो में मिट्टी के मॉडल के रूप में तैयार किया गया, फिर कांस्य में ढाला गया। इसके बाद इसे 100 से अधिक टुकड़ों में काटकर गोवा भेजा गया और वहाँ फिर जोड़ा गया। नोएडा के इस स्टूडियो से ही विश्व की सबसे बड़ी प्रतिमाएँ निकलती रही हैं और अब एक बार फिर नोएडा का नाम विश्व पटल पर चमका है।
"भारतीय कारीगरी विश्व में सर्वश्रेष्ठ है"
प्रधानमंत्री मोदी ने अनावरण के दौरान कहा, “यह प्रतिमा केवल कला का नमूना नहीं, बल्कि मर्यादा पुरुषोत्तम राम के आदर्शों का जीवंत प्रतीक है। नोएडा के महान शिल्पी राम सुतार जी ने एक बार फिर सिद्ध कर दिया कि भारतीय कारीगरी विश्व में सर्वश्रेष्ठ है।”
नोएडा वासियों में गर्व की लहर
सेक्टर-63 स्थित राम सुतार आर्ट स्टूडियो के आसपास के लोगों और पूरे नोएडा-ग्रेटर नोएडा में खुशी का माहौल है। लोग कह रहे हैं कि “हमारे नोएडा से निकली यह प्रतिमा अब गोवा में रामलला के रूप में विराजमान है, यह हम सभी के लिए बहुत बड़ा गौरव की बात है।”इस तरह एक बार फिर नोएडा ने सिद्ध कर दिया कि यह शहर केवल आईटी और इंफ्रास्ट्रक्चर का हब ही नहीं, बल्कि भारतीय कला-सांस्कृतिक विरासत का भी जीवंत केंद्र है।