छत्तीसगढ़ स्थापना दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का रायपुर दौरा भावनाओं और प्रेरणा से भरा रहा। सत्य सांई हॉस्पिटल में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने उन बच्चों से मुलाकात की जिनका हृदय रोग का सफल ऑपरेशन हो चुका है। बच्चों से बातचीत के दौरान पीएम मोदी का वात्सल्यपूर्ण रूप देखने को मिला—वे कभी किसी बच्चे को गले लगाते नजर आए तो कभी प्यार से उनके सिर पर हाथ फेरते हुए भावुक हो गए।
बच्चों से दिल की बात, मुस्कुराहट में छिपी भावनाएं
प्रधानमंत्री मोदी ने अस्पताल में 2500 से अधिक बच्चों से दिल से बात की। वे हर बच्चे के साथ सहज और आत्मीय होकर बातचीत करते दिखे। एक बच्ची से उन्होंने मुस्कुराते हुए पूछा, “जब तुम डॉक्टर बनोगी तो हमारा इलाज करोगी कि नहीं?” बच्ची के मासूम जवाब “करूंगी” पर वहां मौजूद सभी लोग मुस्कुरा उठे।
बच्चों के सपनों पर पीएम मोदी का स्नेह
एक बच्ची ने प्रधानमंत्री से कहा—“मेरा सपना था आपसे मिलने का।” इस पर पीएम मोदी ने हल्के अंदाज़ में पूछा, “अच्छा! कब आया था सपना, आज?” बच्ची ने कहा—“बहुत पहले से…” इस पल ने माहौल को और भी भावनात्मक बना दिया। प्रधानमंत्री का यह स्नेहिल व्यवहार बच्चों के दिलों में गहरी छाप छोड़ गया।
‘स्वस्थ शरीर ही सफलता का आधार’
प्रधानमंत्री मोदी ने बच्चों को प्रेरणा देते हुए कहा कि “अगर कोई भी अच्छा काम करना है, तो उसका साधन हमारा शरीर है। इसलिए हमें इसे स्वस्थ रखना चाहिए।” उन्होंने बच्चों से कहा कि जीवन में आगे बढ़ने के लिए सबसे जरूरी है खुद का ख्याल रखना और हमेशा सकारात्मक रहना।
निःशुल्क उपचार से जुड़ी उम्मीद की कहानी
रायपुर स्थित सत्य सांई हॉस्पिटल में देश-विदेश से बच्चे निःशुल्क हृदय सर्जरी के लिए आते हैं। पीएम मोदी ने यहां के डॉक्टरों और सेवाभावी स्टाफ की भी सराहना की और कहा कि इस सेवा भावना से देश का भविष्य और भी उज्जवल बनेगा। बच्चों के साथ बिताए ये पल उन्होंने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर साझा किए, जो अब देशभर में चर्चा का विषय हैं।