प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भूटान से लौटते ही सीधे दिल्ली के एलएनजेपी अस्पताल पहुंचे, जहां उन्होंने दिल्ली ब्लास्ट के घायलों से मुलाकात की और उनका हालचाल जाना। पीएम ने डॉक्टरों से इलाज की जानकारी ली और पीड़ितों के परिवारों को हर संभव मदद का भरोसा दिलाया। भूटान में भी अपने संबोधन के दौरान पीएम मोदी ने स्पष्ट किया था कि इस साजिश के पीछे जो भी लोग हैं, उन्हें किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। आज प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में इस पूरे मामले को लेकर एक हाई-लेवल बैठक भी होने
UAPA की धाराओं में केस दर्ज
सूत्रों के मुताबिक, लाल किला मेट्रो ब्लास्ट केस में दिल्ली पुलिस ने UAPA की धाराओं सहित विस्फोटक अधिनियम के तहत केस दर्ज किया है। हालांकि अब यह जांच एनआईए को सौंप दी गई है, जो देशभर में छापेमारी कर रही है। बताया जा रहा है कि ब्लास्ट वाली कार में जम्मू-कश्मीर के पुलवामा निवासी डॉ. उमर के मौजूद होने की आशंका है। उमर ने श्रीनगर के गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज से MBBS किया था और फरीदाबाद की अल फलह यूनिवर्सिटी में पढ़ाता था। फिलहाल डीएनए जांच चल रही है ताकि पुष्टि हो सके कि ब्लास्ट में मारा गया व्यक्ति वही है या नहीं।
कान के पर्दे, फेफड़े और आंतें फट चुकी थीं !
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आया है कि मृतकों के कान के पर्दे, फेफड़े और आंतें फट चुकी थीं। सिर और हड्डियों पर गहरी चोट के निशान मिले हैं। डॉक्टरों के मुताबिक, ज्यादा खून बहने और अंदरूनी चोटों की वजह से मौतें हुईं। एनआईए की टीम फिलहाल फरीदाबाद, धौज, फतेहपुर तगा और जम्मू-कश्मीर के कई इलाकों में जांच कर रही है। दिल्ली ब्लास्ट अब सिर्फ एक हादसा नहीं, बल्कि देश की सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक बड़ा अलर्ट बन गया है।