प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिका और ईरान के बीच हुए शांति समझौते का स्वागत करते हुए इसे वैश्विक स्थिरता की दिशा में बड़ा कदम बताया है। उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया में लंबे समय से जारी तनाव का असर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था, ऊर्जा बाजार और समुद्री व्यापार पर पड़ा था। ऐसे में दोनों देशों के बीच बनी सहमति से क्षेत्र में शांति बहाली और आर्थिक गतिविधियों के सामान्य होने की उम्मीद बढ़ी है।
पीएम मोदी ने जताई शांति की उम्मीद
प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच बनी सहमति सराहनीय है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस समझौते के बाद पश्चिम एशिया में स्थिरता लौटेगी और संघर्ष की वजह से पैदा हुई अनिश्चितता कम होगी।
वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ा था असर
पीएम मोदी ने कहा कि लंबे समय तक चले तनाव ने दुनिया के कई देशों को आर्थिक नुकसान पहुंचाया। ऊर्जा आपूर्ति, तेल व्यापार और अंतरराष्ट्रीय बाजारों पर इसका व्यापक असर देखने को मिला। ऐसे में यह समझौता वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए राहत भरी खबर माना जा रहा है।
समुद्री व्यापार को मिलेगा बड़ा फायदा
भारत ने उम्मीद जताई है कि समझौते के बाद समुद्री मार्गों पर जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित होगी। इससे अंतरराष्ट्रीय व्यापार को नई गति मिलेगी और तेल आपूर्ति से जुड़े जोखिम भी कम होंगे। पश्चिम एशिया से होकर गुजरने वाले समुद्री मार्ग दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण व्यापारिक रास्तों में गिने जाते हैं।
107 दिन के संघर्ष के बाद बनी सहमति
दोनों देशों के बीच करीब 107 दिनों तक चले संघर्ष के बाद इस शांति समझौते पर सहमति बन पाई है। ईरान के उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने भी इस डील को अंतिम रूप दिए जाने की पुष्टि की है। बताया जा रहा है कि आगामी शुक्रवार को स्विट्जरलैंड में इस समझौते पर आधिकारिक हस्ताक्षर हो सकते हैं।
14 बिंदुओं वाले मसौदे पर दुनिया की नजर
ईरानी मीडिया ने समझौते से जुड़े 14 बिंदुओं वाले मसौदे का दावा किया है। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है, लेकिन माना जा रहा है कि इसमें दोनों देशों के रणनीतिक और आर्थिक हितों से जुड़े कई अहम प्रावधान शामिल हैं। अब पूरी दुनिया की नजरें स्विट्जरलैंड में होने वाले हस्ताक्षर समारोह और इस समझौते के भविष्य पर टिकी हैं।