
अयोध्या में राम मंदिर का निमार्ण कार्य लगभग पूरा हो चुका है। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अनुसार, मुख्य मंदिर समेत परिसर के प्रमुख धार्मिक स्थल तैयार हैं और जल्द भक्तों को दिव्य दर्शन मिलेंगे। मंदिर में ध्वजदंड और कलश की स्थापना भी हो चुकीह है। इसके साथ ही परकोटे के अंदर छह अहम मंदिरों का निर्माण भी पूरा हो चुका है। इसमें भगवान शिव, भगवान गणेश, भगवान हनुमान, सूर्यदेव, देवी भगवती और देवी अन्नपूर्णा शामिल हैं। इसके साथ सप्त मंडप, जटायु और गिलहरी की प्रतिमाएं भी स्थापित की गई हैं। 25 नवंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंदिर के शिखर पर ध्वजारोहण करेंगे। इसमें आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत भी मौजूद रहेंगे। इस कार्यक्रम को लेकर 6 से 8 हजार लोगों की सूची तैयार हो चुकी है। सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जा रहे हैं।
निर्माण के सभी कार्य पूर्ण
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर राम मंदिर निर्माण पूरा होने की सूचना दी। ट्रस्ट ने एक्स पर लिखा, "सभी श्रीरामभक्तों को यह सूचना दी जाती है कि मंदिर निर्माण से जुड़े सभी कार्य पूरे हो चुके हैं। मुख्य मंदिर, परकोटा के 6 मंदिर- भगवान शिव, भगवान गणेश, भगवान हनुमान, सूर्यदेव, देवी भगवती, देवी अन्नपूर्णा तथा शेषावतार मंदिर भी पूरे किए जा चुके हैं। इन पर ध्वजदण्ड एवं कलश स्थापित हो गए हैं।"
सप्त मंडप का निर्माण भी पूर्ण
ट्रस्ट का कहना है कि इसके अतिरिक्त सप्त मण्डप अर्थात् महर्षि वाल्मीकि, वशिष्ठ, विश्वामित्र, महर्षि अगस्त्य, निषादराज, शबरी एवं ऋषि पत्नी अहल्या मंदिरों का काम पूरा हो चुका है। सन्त तुलसीदास मंदिर भी करीब-करीब पूरा हो चुका है। इसके अलावा जटायु और गिलहरी की प्रतिमाएं भी स्थापित हो चुकी हैं। इन कार्यों का सीधा सम्बन्ध दर्शनार्थियों की सुविधा से जुड़ा है।