अयोध्या में इस वर्ष विवाह पंचमी का पर्व बेहद विशेष होने वाला है। इस पावन अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राम मंदिर में ध्वज पूजन करेंगे। यह दिन मंदिर निर्माण यात्रा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आयोजन की भव्यता और सुरक्षा के चलते इस दिन आम भक्तों के लिए रामलला के दर्शन बंद रहेंगे। आइए जानते हैं, इस ऐतिहासिक क्षण से जुड़े प्रमुख पहलू।
विवाह पंचमी पर होगा ऐतिहासिक ध्वजारोहण
विवाह पंचमी के मौके पर राम मंदिर के मुख्य शिखर पर विशेष भगवा ध्वज फहराया जाएगा। यह ध्वज मंदिर निर्माण की पूर्णता और नई शुरुआत का प्रतीक माना जा रहा है। ध्वज पूजन के लिए विशेष वैदिक अनुष्ठान और मंत्रोच्चार की व्यवस्था की गई है। इस अवसर को धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से अत्यंत शुभ माना जाता है।
पीएम मोदी करेंगे ध्वज पूजन
राम मंदिर ट्रस्ट की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस समारोह के लिए आमंत्रित किया गया है, और वे स्वयं मंदिर के शिखर पर ध्वज फहराने की प्रमुख रस्म का हिस्सा बनेंगे। यह पहली बार होगा जब इस स्तर पर किसी राष्ट्र प्रमुख द्वारा राम मंदिर में ऐसा धार्मिक आयोजन किया जाएगा। इस क्षण को मंदिर इतिहास के महत्वपूर्ण पड़ाव के रूप में देखा जा रहा है।
भक्तों के लिए बंद रहेंगे दर्शन
सुरक्षा और आयोजन की गंभीरता को देखते हुए इस दिन आम भक्तों के लिए रामलला के दर्शन बंद रखे जाएंगे। केवल विशेष अतिथियों, पुजारियों और आयोजन समिति के सदस्यों को मंदिर परिसर में प्रवेश की अनुमति होगी। भक्तों से अपील की गई है कि वे अन्य दिनों में दर्शन के लिए आएं और इस विशेष दिन भीड़-भाड़ से बचें।
अयोध्या में होगा भव्य आयोजन
पूरे अयोध्या में इस दिन विशेष सजावट, दीप सज्जा और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की तैयारी की गई है। मंदिर परिसर में वैदिक मंत्रों के साथ अनुष्ठान, हवन और धार्मिक कार्यक्रम पूरे दिन चलेंगे। यह आयोजन राम मंदिर निर्माण यात्रा को एक नए अध्याय में प्रवेश कराएगा और देशभर के भक्तों में उत्साह का संचार करेगा।