लोकसभा में महिला आरक्षण विधेयक पर चर्चा के दौरान नरेंद्र मोदी ने ऐसा बयान दिया, जिसने सियासी माहौल को और गर्म कर दिया। उन्होंने समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव को अपना दोस्त बताया और कहा कि वह कभी-कभी उनकी मदद भी कर देते हैं। यह बयान उस वक्त आया जब सपा सांसद धर्मेंद्र यादव ने उनके भाषण के दौरान टोका। पीएम का यह अंदाज सदन में हल्की मुस्कान और ठहाकों का कारण भी बना।
विधेयक के समर्थन में पीएम की अपील
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महिला आरक्षण विधेयक को देश के लिए ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा कि देश की आधी आबादी यानी महिलाओं को नीति निर्माण में उचित भागीदारी मिलनी चाहिए। यह फैसला कई दशक पहले हो जाना चाहिए था। उन्होंने सभी दलों से अपील की कि इस मुद्दे को राजनीति से ऊपर उठकर देखा जाए और पूरे समर्थन के साथ विधेयक को पास कराया जाए। उनके अनुसार यह कदम लोकतंत्र को और मजबूत करेगा।
अति पिछड़े समाज का किया जिक्र
बहस के दौरान पीएम मोदी ने अपनी सामाजिक पृष्ठभूमि का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि वह अति पिछड़े समाज से आते हैं, लेकिन उनका दायित्व पूरे देश को साथ लेकर चलना है। उन्होंने साफ कहा कि संविधान उनके लिए सर्वोपरि है और उसी के मार्गदर्शन में वह काम कर रहे हैं। इस दौरान सदन में मौजूद अखिलेश यादव मुस्कुराते नजर आए और माहौल कुछ देर के लिए हल्का हो गया।
विपक्ष को दी सख्त चेतावनी
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में विपक्ष को सीधी चेतावनी भी दी। उन्होंने कहा कि जो भी इस विधेयक का विरोध करेगा, उसे इसकी राजनीतिक कीमत चुकानी पड़ेगी। उन्होंने 2024 के चुनावों का उदाहरण देते हुए कहा कि जब सभी दलों की सहमति होती है, तब कोई नुकसान नहीं होता बल्कि लोकतंत्र मजबूत होता है। उनके इस बयान को विपक्ष के लिए स्पष्ट संदेश के तौर पर देखा जा रहा है।
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ऐतिहासिक पल और बड़ा संदेश
अपने भाषण के अंत में नरेंद्र मोदी ने इसे देश के लोकतंत्र के लिए ऐतिहासिक पल बताया। उन्होंने कहा कि यह विधेयक आने वाले समय में महिलाओं को सशक्त बनाने का सबसे बड़ा माध्यम बनेगा। उन्होंने सभी सांसदों से एकजुट होकर इसे पास करने की अपील की। पीएम का यह बयान साफ करता है कि सरकार इस मुद्दे पर पूरी तरह गंभीर है और इसे जल्द कानून का रूप देना चाहती है।