Nari Shakti Vandan conference: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार को विज्ञान भवन में आयोजित ‘नारी शक्ति वंदन सम्मेलन’ को संबोधित करेंगे, जिसमें देशभर की महिलाओं की भागीदारी होगी। यह कार्यक्रम महिला आरक्षण और महिला सशक्तिकरण को केंद्र में रखते हुए आयोजित किया जा रहा है। सम्मेलन का उद्देश्य महिलाओं की भूमिका को ‘विकसित भारत’ के निर्माण में और मजबूत बनाना है। इस दौरान पीएम विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत महिलाओं से सीधे संवाद भी करेंगे।
महिला आरक्षण पर रहेगा फोकस
इस सम्मेलन में प्रस्तावित महिला आरक्षण कानून के तहत 33 प्रतिशत कोटा प्रमुख मुद्दा रहेगा। महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में इस विषय पर व्यापक चर्चा की जाएगी। उम्मीद है कि संसद के विशेष सत्र से पहले इस सम्मेलन से एक सकारात्मक माहौल बनेगा।
देशभर की महिलाएं
कार्यक्रम में राजनीति, शिक्षा, विज्ञान, खेल, उद्यमिता, मीडिया और सामाजिक क्षेत्र से जुड़ी प्रतिष्ठित महिलाओं को आमंत्रित किया गया है। इसके साथ ही महिला एवं बाल विकास मंत्री, राज्य मंत्री और अन्य प्रमुख महिला नेता भी इसमें शामिल होंगी। यह सम्मेलन विभिन्न क्षेत्रों की महिलाओं को एक साझा मंच प्रदान करेगा।
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बढ़ा महत्व
16 अप्रैल से शुरू होने वाले संसद के विशेष सत्र से पहले इस सम्मेलन का आयोजन इसे और महत्वपूर्ण बना देता है। इस सत्र में लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने से जुड़े संवैधानिक संशोधन पर चर्चा और मंजूरी की संभावना है। इसी कारण यह सम्मेलन राजनीतिक दृष्टि से भी अहम माना जा रहा है।
महिला नेतृत्व की भूमिका
सरकार का मानना है कि 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए ‘वूमन-लेड डेवलपमेंट’ जरूरी है। ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ के जरिए महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने की दिशा में पहले ही कदम उठाया जा चुका है। अब इस सम्मेलन के माध्यम से यह संदेश दिया जाएगा कि देश के विकास में महिलाओं की भागीदारी और नेतृत्व निर्णायक भूमिका निभाएगा।