प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज बिहार के सिवान जिले में एक बड़ी चुनावी रैली को संबोधित करेंगे। यह इलाका महागठबंधन का मजबूत गढ़ माना जाता है। पीएम मोदी की रैली न केवल विकास परियोजनाओं की सौगात देगी, बल्कि आगामी विधानसभा चुनावों से पहले एनडीए को मजबूत करने की रणनीति का अहम हिस्सा भी है।
पीएम मोदी का सिवान दौरा: विकास और चुनावी तैयारी दोनों
प्रधानमंत्री मोदी का यह बिहार दौरा कई दृष्टिकोणों से महत्वपूर्ण है। सिवान की रैली के दौरान पीएम मोदी 10,000 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण करेंगे। साथ ही वह पटना से गोरखपुर वंदे भारत एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाएंगे। यह कार्यक्रम दोपहर 12 से 1:15 बजे तक चलेगा।
सियासी नजरिए से क्यों खास है सिवान?
सिवान और इसके आसपास के इलाके आरजेडी के बाहुबली नेता मोहम्मद शहाबुद्दीन का गढ़ माने जाते रहे हैं। यहां महागठबंधन का वर्चस्व रहा है, खासकर मुस्लिम-यादव (MY) वोट बैंक के कारण। लेकिन एनडीए ने इस बार इन 24 विधानसभा सीटों को जीतने का लक्ष्य रखा है, जिसमें सिवान, सारण और गोपालगंज शामिल हैं।
MY फैक्टर बनाम NDA गठजोड़
सिवान जिले की 8 विधानसभा सीटों पर मुस्लिम आबादी 25% से ज्यादा है, साथ ही यादव वोटर भी निर्णायक हैं। यही वजह है कि यहां आरजेडी का प्रभाव अधिक रहा है। हालांकि, इस बार बीजेपी और जेडीयू को सवर्णों और अति पिछड़ों का समर्थन मिल रहा है, जिससे मुकाबला दिलचस्प हो गया है।
जर्मन तकनीक से बने हाईटेक पंडाल
पीएम मोदी की रैली के लिए विशेष तौर पर जर्मन तकनीक से तैयार पांच बड़े पंडाल बनाए गए हैं, जिनमें 60,000 से ज्यादा लोगों की बैठने की व्यवस्था है। पंडाल वाटरप्रूफ हैं और गर्मी से निपटने के लिए बोरिंग, बायो टॉयलेट और विशेष पार्किंग व्यवस्था की गई है।
शैक्षणिक गतिविधियों पर रोक बना विवाद का कारण
रैली के चलते सिवान के डीएम आदित्य प्रकाश ने जिले के सभी स्कूल, कॉलेज, कोचिंग और आंगनबाड़ी केंद्रों में एक दिन के लिए शैक्षणिक गतिविधियों पर रोक लगा दी है। इस पर विपक्ष ने नाराजगी जताई है। आरजेडी सांसद मनोज झा ने इसे "पढ़ेगा इंडिया" की सच्चाई बताया है। डीएम का कहना है कि भारी ट्रैफिक और गर्मी को देखते हुए यह फैसला बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।