प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपना सम्बोधन सियावर रामचन्द्र की जय, जय सियाराम के जयघोष से की। उन्होंने कहा कि आज अयोध्या नगरी भारत की सांस्कृतिक चेतना के एक और बिन्दु की साक्षी बनी है, आज सम्पूर्ण विश्व राममय है। हर रामभक्त के हृदय में असीम कृतज्ञता है, अपार अलौकिक आनंद है, सदियों के घाव भर रहे हैं। सदियों की वेदना आज विराम पा रही है। सदियों का संकल्प आज सिद्धि को प्राप्त हो रहा है। आज उस यज्ञ की पूर्णाहूति है जिसकी अग्नि पांच सौ वर्ष तक प्रज्जवलित रही। जो यह यज्ञ आस्था से टिका नहीं।
भारत के पुर्नजागरण की शुरुआत
आज भगवान श्रीराम मंदिर के गर्भगृह की अनंत ऊर्जा इस धर्मध्वजा के रूप में इस भव्यतम, दिव्यतम मंदिर के शिखर पर प्रतिष्ठाापित हुई है। यह भारत के पुर्नजागरण की शुरुआत है। यह ध्वज संकल्प है, यह ध्वज सफलता है, यह ध्वज संघर्ष से सृजन की गाथा है। यह ध्वज सदियों से चले आ रहे स्वप्नों का साकार रूप है। आने वाली सदियों तक यह धर्मध्वज प्रभु राम के आदर्शों का उद्घोष करेगा। यह धर्मध्वज सत्यमेव जयते का उद्घोष करेगा, सत्य में ही ब्रम्ह का स्वरूप है।
#WATCH अयोध्या, उत्तर प्रदेश: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, " पिछले 11 वर्षों में महिला, दलित, पिछड़े, अति-पिछड़े, आदिवासी, वंचित, किसान, श्रमिक, युवा हर वर्ग को विकास के केंद्र में रखा गया है। जब देश का हर व्यक्ति, हर वर्ग, हर क्षेत्र सशक्त होगा, तब संकल्प की सिद्धि में… pic.twitter.com/UxXwzgxcYT
— ANI_HindiNews (@AHindinews) November 25, 2025
वास्तुकार का भी स्मरण किया
यह ध्वज संदेश देगा-प्राण जाएगा पर वचन न जाए। कर्म और कर्तव्य की प्रधानता का संदेश देगा। भेदभाव, पीडा, परेशानी से मुक्ति का संदेश देगा। यह ध्वज दूर से ही रामलला के मंदिर के दर्शन कराएगा और युगों युगों तक राम के आदर्शों को मानव मात्र तक पहुंचाएगा। उन्होंने राम मंदिर के निर्माण से जुडे हर कारीगर, हर योजनाकार, वास्तुकार का भी स्मरण किया।
कैसे पुरुषोत्तम बनता
इसी धरती ने बताया कि एक व्यक्ति अपने संस्कारों, अपने संघर्ष से कैसे पुरुषोत्तम बनता है। उनमे मर्यादा पुरुषोत्तम बनने में महर्षि वशिष्ठ की शिक्षा, महर्षि विश्वमित्र का ज्ञान, निषादराज की मित्रता का भी योगदान रहा। मैं हर देशवासी से कहूंगा कि वह जब भी अयोध्या में राममंदिर आएं वह सप्तमंदिर के दर्शन अवश्य करें। सब जानते हैं हमारे राम भेद से नहीं भाव से जुडते हैं। पिछले 11 वर्षों में महिला, दलित, आदिवासी, वंचित, आदिवासी, किसान, युवा हर वर्ग को विकास के केन्द्र में रखा गया है..