PM Modi Strong Message: लोकसभा के बाद राज्यसभा ने भी लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) संशोधन विधेयक, 2026 को मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही यह विधेयक संसद से पारित हो गया। सरकार का कहना है कि नए कानून का उद्देश्य सार्वजनिक परीक्षाओं में पेपर लीक, नकल और अन्य अनियमितताओं पर प्रभावी रोक लगाना तथा परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता और विश्वसनीयता को मजबूत करना है।
प्रधानमंत्री ने वीडियो संदेश में दोहराई प्रतिबद्धता
विधेयक पारित होने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो संदेश साझा किया। उन्होंने कहा कि सरकार युवाओं के भविष्य से जुड़े मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं करेगी और परीक्षा प्रणाली को निष्पक्ष बनाए रखने के लिए कड़े कदम उठाए जाते रहेंगे। उन्होंने पेपर लीक जैसी घटनाओं पर सख्त कार्रवाई की प्रतिबद्धता दोहराई।
अमित शाह ने बताया युवाओं के हित में बड़ा कदम
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर कहा कि संसद से पारित यह कानून छात्रों के भविष्य की सुरक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उनके अनुसार, नया कानून सार्वजनिक परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता बनाए रखने और अनुचित साधनों के इस्तेमाल पर रोक लगाने में प्रभावी भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि इससे मेरिट आधारित चयन प्रक्रिया को और मजबूती मिलेगी।
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परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी बनाने पर जोर
सरकार का कहना है कि नए कानून के जरिए पेपर लीक और परीक्षा में धांधली जैसे मामलों पर सख्त कानूनी कार्रवाई का प्रावधान किया गया है। इसका उद्देश्य ईमानदारी से परीक्षा देने वाले अभ्यर्थियों के हितों की रक्षा करना और चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखना है। सरकार का मानना है कि इससे युवाओं का परीक्षा प्रणाली पर भरोसा और मजबूत होगा।
कानून लागू होने के बाद बढ़ेगी जवाबदेही
संसद की मंजूरी मिलने के बाद अब इस कानून के लागू होने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। सरकार का कहना है कि नई व्यवस्था के जरिए परीक्षा आयोजित करने वाली एजेंसियों की जवाबदेही बढ़ेगी और अनियमितताओं में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। इससे प्रतियोगी परीक्षाओं को अधिक निष्पक्ष और विश्वसनीय बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।