दिल्ली की अनधिकृत कॉलोनियों में रहने वाले लाखों लोगों के लिए अब संपत्ति की रजिस्ट्री का तरीका बदल गया है। सरकार के फैसले के बाद केवल जनरल पावर ऑफ अटॉर्नी (GPA) के आधार पर मालिकाना हक नहीं मिलेगा। अब संपत्ति को कानूनी दर्जा दिलाने के लिए केंद्र सरकार की PM-UDAY योजना के तहत आवेदन करना होगा। इस योजना का उद्देश्य अनधिकृत कॉलोनियों के लोगों को वैध मालिकाना अधिकार देना है।
क्या है PM-UDAY योजना?
PM-UDAY योजना वर्ष 2019 में शुरू की गई थी। इसके तहत दिल्ली की अधिसूचित अनधिकृत कॉलोनियों के मकान मालिकों को कानूनी मालिकाना हक दिया जाता है। पात्र लोगों को कन्वेयंस डीड (CD) या ऑथराइजेशन स्लिप (AS) जारी की जाती है। इसके बाद संपत्ति की खरीद-बिक्री, नामांतरण और बैंक से होम लोन जैसी सुविधाएं भी मिल सकती हैं।
ऐसे करें आवेदन की प्रक्रिया
योजना का आवेदन पूरी तरह ऑनलाइन है। सबसे पहले PM-UDAY पोर्टल या मोबाइल ऐप पर पंजीकरण करना होगा। इसके बाद DDA की अधिकृत एजेंसी से संपत्ति का GIS सर्वे कराया जाएगा। सर्वे पूरा होने के बाद पुराने दस्तावेज, जैसे GPA, एग्रीमेंट टू सेल, पजेशन लेटर, आधार कार्ड, पैन कार्ड और बिजली बिल सहित अन्य जरूरी कागजात पोर्टल पर अपलोड करने होंगे।
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DDA करेगी जांच और सत्यापन
दस्तावेज जमा होने के बाद DDA उनकी जांच करेगी। इसके साथ ही फील्ड टीम मौके पर पहुंचकर संपत्ति का भौतिक सत्यापन भी करेगी। सभी जानकारी सही मिलने पर आवेदक को शुल्क जमा करने के लिए लिंक जारी किया जाएगा। निर्धारित शुल्क जमा होने के बाद DDA की ओर से कन्वेयंस डीड या ऑथराइजेशन स्लिप जारी कर दी जाएगी।
3 महीने में करानी होगी रजिस्ट्री
DDA से डीड जारी होने के बाद आवेदक को तीन महीने के भीतर सब-रजिस्ट्रार कार्यालय में जाकर उसकी रजिस्ट्री करानी होगी। तय समय सीमा के भीतर रजिस्ट्रेशन नहीं कराने पर जारी डीड अमान्य हो सकती है। इसलिए दस्तावेज मिलने के बाद रजिस्ट्री की प्रक्रिया समय पर पूरी करना जरूरी है।
किस्तों में भी जमा कर सकते हैं शुल्क
PM-UDAY योजना में शुल्क संपत्ति के क्षेत्रफल और संबंधित इलाके के सर्किल रेट के आधार पर तय किया जाता है। लोगों की सुविधा के लिए DDA ने इसे तीन किस्तों में जमा करने की व्यवस्था भी दी है। दो किस्तें जमा होने पर अस्थायी मालिकाना अधिकार मिल जाता है, जबकि पूरा भुगतान करने के बाद स्थायी मालिकाना हक प्रदान किया जाता है।