PM VBRY Scheme : पहली बार नौकरी शुरू करने वाले युवाओं के लिए सरकार की एक रोजगार योजना आर्थिक मदद का अवसर लेकर आई है। प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना (PM-VBRY) के तहत पात्र कर्मचारियों को 15,000 रुपये तक का प्रोत्साहन मिल सकता है। यह लाभ उन लोगों के लिए है, जो पहली बार कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) के सदस्य बन रहे हैं और योजना की निर्धारित शर्तें पूरी करते हैं। हालांकि, नौकरी मिलने भर से पूरी राशि अपने आप नहीं मिलती। इसके लिए नौकरी की अवधि, वेतन और ईपीएफ रिकॉर्ड से जुड़ी पात्रता जरूरी है।
पहली नौकरी पर कितना मिलेगा पैसा
प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना के पहले हिस्से के तहत पात्र नए ईपीएफ सदस्यों को एक महीने के पात्र ईपीएफ वेतन के बराबर प्रोत्साहन दिया जा सकता है। इसकी अधिकतम सीमा 15,000 रुपये निर्धारित है। इसका मतलब है कि हर कर्मचारी को पूरी रकम मिलना जरूरी नहीं है। वास्तविक भुगतान पात्र वेतन और योजना के नियमों के आधार पर तय होगा। इसलिए नौकरी शुरू करने वाले युवाओं को अपनी ईपीएफ सदस्यता और वेतन से जुड़ी जानकारी जांचनी चाहिए।
कौन उठा सकता है योजना का लाभ
योजना का लाभ उन पात्र कर्मचारियों को मिल सकता है, जो पहली बार ईपीएफ सदस्य बन रहे हैं। इसके लिए पुराने ईपीएफ रिकॉर्ड की जांच महत्वपूर्ण है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, कर्मचारी का मासिक वेतन एक लाख रुपये तक होना चाहिए और उसे योजना की अन्य शर्तें भी पूरी करनी होंगी। यह योजना 1 अगस्त 2025 से 31 जुलाई 2027 के बीच सृजित पात्र नौकरियों पर लागू है। केवल इस अवधि में नौकरी शुरू कर देना पर्याप्त नहीं है।
छह और बारह महीने की शर्त
पहली किस्त के लिए कर्मचारी को लगातार छह महीने की नौकरी पूरी करनी होगी। इसके साथ ईपीएफ सदस्यता और अन्य जरूरी शर्तें पूरी करना भी अनिवार्य है। दूसरी किस्त के लिए लगातार 12 महीने की नौकरी पूरी करनी होगी। इसके अलावा कर्मचारी को निर्धारित वित्तीय साक्षरता कार्यक्रम भी पूरा करना होगा। इसलिए दूसरी किस्त पाने के लिए केवल एक साल नौकरी करना पर्याप्त नहीं है। कर्मचारियों को संबंधित प्रक्रिया और प्रमाण से जुड़ी जानकारी आधिकारिक पोर्टल पर जांचनी चाहिए।
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बैंक खाते में कैसे आएगा पैसा
योजना के तहत पात्र कर्मचारी को प्रोत्साहन राशि आधार से जुड़े बैंक खाते में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से दी जाएगी। इसके लिए आधार ब्रिज पेमेंट सिस्टम का इस्तेमाल किया जाएगा। इसलिए बैंक खाते और आधार से जुड़ी जानकारी सही होना जरूरी है। दूसरी किस्त की राशि को सामान्य नकद भुगतान की तरह तुरंत इस्तेमाल करने योग्य मानना भी सही नहीं होगा, क्योंकि योजना के प्रावधानों के तहत इस रकम को निर्धारित अवधि के लिए बचत साधन या जमा खाते में रखा जा सकता है।
कंपनियों को भी मिलेगा प्रोत्साहन
इस योजना में केवल नए कर्मचारियों को ही नहीं, बल्कि पात्र नियोक्ताओं को भी प्रोत्साहन देने का प्रावधान है। निर्धारित शर्तें पूरी करने पर कंपनियों को प्रत्येक अतिरिक्त पात्र कर्मचारी के लिए हर महीने 3,000 रुपये तक मिल सकते हैं। इसके लिए नियोक्ता को ईपीएफ से जुड़ी आवश्यक प्रक्रिया पूरी करनी होगी और जरूरी इलेक्ट्रॉनिक चालान-कम-रिटर्न दाखिल करना होगा। पहली नौकरी शुरू करने वाले युवाओं को अपना UAN, ईपीएफ रिकॉर्ड, बैंक विवरण और नौकरी की अवधि जांचते रहना चाहिए, ताकि पात्र होने पर लाभ पाने में परेशानी न हो।