इंडिगो संकट पर पीएमओ की नजर है और सरकार ने सख्ती दिखाई है। इंडिगो ने 10 दिन की मोहलत मांगी है ताकि वे अपने संचालन को सामान्य कर सकें। आपको बता दें कि इंडिगो ने पिछले कुछ दिनों में 600 से अधिक उड़ानें रद्द की हैं। कंपनी ने पायलटों की कमी और नए फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन (FDTL) नियमों के कारण यह निर्णय लिया है। इंडिगो ने माफी मांगी है और यात्रियों को रिफंड देने का आश्वासन दिया है।
सरकार की कार्रवाई
सरकार ने इंडिगो को उड़ानें रद्द करने और यात्रियों को सुविधा प्रदान करने के लिए कहा है। नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू का कहना है कि सरकार इस मामले में सख्त कार्रवाई करेगी। सरकार ने एयरलाइन को 10 फरवरी 2026 तक FDTL नियमों से छूट देने पर विचार कर रही है।
इंडिगो संकट में अब तक का अपडेट
इंडिगो ने पिछले 5 दिनों में 2000 से अधिक उड़ानें रद्द की हैं, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी हो रही है। इंडिगो के पास पायलटों और क्रू की कमी है, जो उड़ानों के संचालन को प्रभावित कर रही है। DGCA ने नए Flight Duty Time Limitations (FDTL) नियम लागू किए हैं, जो पायलटों के काम के घंटे और आराम के समय को नियंत्रित करते हैं। सरकार ने इंडिगो को उड़ानें रद्द करने और यात्रियों को सुविधा प्रदान करने के लिए कहा है। इंडिगो के CEO ने यात्रियों से माफी मांगी है और कहा है कि वे 10-15 दिसंबर तक स्थिति सामान्य होने की उम्मीद करते हैं। यात्रियों को एयरपोर्ट पर लंबी कतारों, फ्लाइट स्टेटस की अनिश्चितता और देरी जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।