देश में एलपीजी सप्लाई को लेकर बनी चिंताओं के बीच सरकार ने बड़ा फैसला लिया है, जो सीधे आम लोगों की रसोई पर असर डाल सकता है। सरकार अब तेजी से पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) को बढ़ावा दे रही है और जिन इलाकों में इसकी सुविधा उपलब्ध है, वहां कनेक्शन देने की प्रक्रिया को तेज कर दिया गया है।
तेजी से बढ़ेगा PNG नेटवर्क
सरकार का लक्ष्य है कि ज्यादा से ज्यादा घरों तक पाइप गैस पहुंचाई जाए ताकि एलपीजी पर निर्भरता कम हो सके। नई व्यवस्था के तहत कंपनियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे तय समय सीमा, करीब 25 दिनों के भीतर उपभोक्ताओं को PNG कनेक्शन उपलब्ध कराएं। इससे लोगों को बिना देरी के नई सुविधा मिल सकेगी।
LPG पर निर्भरता घटाने की तैयारी
पश्चिम एशिया में जारी तनाव के चलते गैस सप्लाई प्रभावित होने की आशंका है। ऐसे में सरकार एक ही ईंधन पर निर्भरता कम करना चाहती है। PNG के जरिए गैस सीधे पाइपलाइन से घर तक पहुंचती है, जिससे सिलेंडर बुकिंग और डिलीवरी की झंझट खत्म हो जाती है।
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PNG नहीं लिया तो बंद हो सकती है LPG सप्लाई
सरकार ने साफ कर दिया है कि जिन इलाकों में PNG उपलब्ध है, वहां रहने वाले परिवारों को इसे अपनाना होगा। अगर कोई उपभोक्ता तीन महीने के भीतर PNG कनेक्शन नहीं लेता है, तो उसकी एलपीजी सप्लाई बंद की जा सकती है। हालांकि जिन जगहों पर तकनीकी कारणों से पाइप गैस संभव नहीं है, वहां एलपीजी जारी रहेगी।
अफवाहों से दूर रहने की अपील
सरकार ने पेट्रोल, डीजल और गैस की कमी को लेकर फैल रही अफवाहों को खारिज किया है। अधिकारियों का कहना है कि देश में पर्याप्त स्टॉक मौजूद है और घबराने की जरूरत नहीं है। लोगों से अपील की गई है कि वे बिना जांचे-परखे खबरों पर भरोसा न करें और सामान्य तरीके से ही गैस का उपयोग करें।
रसोई गैस सिस्टम में बड़ा बदलाव
इस फैसले से साफ है कि आने वाले समय में रसोई गैस सिस्टम में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। PNG के विस्तार से न सिर्फ सप्लाई आसान होगी, बल्कि देश की ऊर्जा सुरक्षा भी मजबूत होगी।