सरकार ने घरेलू गैस को लेकर बड़ा फैसला लिया है, जिसके तहत अब जिन घरों में पाइप्ड नेचुरल गैस यानी पीएनजी कनेक्शन है, वहां एलपीजी सिलेंडर नहीं रखा जा सकेगा। इस फैसले का मकसद गैस की सप्लाई को बेहतर बनाना और जरूरतमंद लोगों तक सिलेंडर पहुंचाना है। ऐसे में जिन उपभोक्ताओं के पास दोनों कनेक्शन हैं, उन्हें अब एक विकल्प चुनना होगा।
क्यों लिया गया यह सख्त फैसला
सरकार का कहना है कि देश में गैस की मांग लगातार बढ़ रही है और कई जगहों पर सप्लाई को लेकर परेशानी भी सामने आई है। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव का असर भी गैस सप्लाई पर पड़ा है। ऐसे हालात में सरकार चाहती है कि जिन घरों में पीएनजी की सुविधा है, वहां एलपीजी सिलेंडर का इस्तेमाल बंद किया जाए, ताकि दूसरे लोगों को फायदा मिल सके।
किन लोगों पर लागू होगा यह नियम
यह नियम खास तौर पर उन उपभोक्ताओं के लिए लागू है जिनके पास पहले से पीएनजी कनेक्शन है और फिर भी एलपीजी सिलेंडर ले रखा है। ऐसे लोगों को अब अपना एलपीजी कनेक्शन सरेंडर करना जरूरी होगा। अगर कोई ऐसा नहीं करता है, तो उसे सिलेंडर रिफिल की सुविधा नहीं मिलेगी और कनेक्शन भी बंद किया जा सकता है।
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ऑफलाइन तरीके से कैसे करें सरेंडर
अगर आप ऑफलाइन तरीके से एलपीजी कनेक्शन बंद करना चाहते हैं, तो इसके लिए आपको अपने नजदीकी गैस एजेंसी पर जाना होगा। वहां एक फॉर्म भरना होगा और अपने कंज्यूमर नंबर या पासबुक जमा करनी होगी। इसके बाद सिलेंडर और रेगुलेटर वापस करना होगा। प्रक्रिया पूरी होने पर कंपनी आपकी जमा की गई सिक्योरिटी राशि लौटा देती है।
घर बैठे ऑनलाइन भी आसान तरीका मौजूद
आज के समय में आप यह काम घर बैठे भी कर सकते हैं। इसके लिए आपको अपनी गैस कंपनी की वेबसाइट या मोबाइल ऐप पर जाना होगा। वहां लॉगिन करके कनेक्शन सरेंडर का विकल्प चुनना होगा। आवेदन करने के बाद एजेंसी की ओर से आपके घर से ही सिलेंडर और रेगुलेटर लेने की व्यवस्था कर दी जाती है।
आगे क्या ध्यान रखना जरूरी है
सरकार ने साफ कर दिया है कि अब एक ही तरह का गैस कनेक्शन रखना होगा। ऐसे में जिनके पास दोनों विकल्प हैं, उन्हें समय रहते फैसला लेना चाहिए। यह नियम सिर्फ एक बदलाव नहीं बल्कि गैस सप्लाई को संतुलित करने की कोशिश है, जिससे हर जरूरतमंद तक सुविधा पहुंच सके।