शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ पॉक्सो कानून के तहत मामला दर्ज होने के बाद विवाद तेज हो गया है। पुलिस में केस दर्ज होने के बाद यह चर्चा है कि आगे की कार्रवाई कभी भी हो सकती है। इसी बीच इस पूरे घटनाक्रम ने धार्मिक और सियासी हलकों में हलचल पैदा कर दी है। समर्थक इसे गंभीर मामला बता रहे हैं, जबकि विरोधी पक्ष जांच की मांग कर रहा है।
कंप्यूटर बाबा ने लिखा पत्र
कंप्यूटर बाबा, जिनका नाम नामदेव दास त्यागी है, ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को पत्र भेजकर मामले में हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने कहा कि यह मामला सिर्फ एक व्यक्ति का नहीं बल्कि समाज और धर्म की गरिमा से जुड़ा है। उनके मुताबिक, राष्ट्रपति को निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करनी चाहिए ताकि सच्चाई सामने आ सके। उन्होंने कहा कि न्याय होना जरूरी है और किसी भी तरह की जल्दबाजी से बचा जाना चाहिए।
राष्ट्रपति से विशेष अपील
पत्र में कंप्यूटर बाबा ने राष्ट्रपति की प्रशंसा करते हुए लिखा कि देश को उन पर गर्व है। उन्होंने राष्ट्रपति से आग्रह किया कि इस पूरे मामले पर संज्ञान लें और उचित कार्रवाई का निर्देश दें। उनका कहना है कि अगर कहीं भी गलत आरोप लगाए गए हैं तो उनकी सच्चाई सामने आनी चाहिए और अगर अपराध हुआ है तो कानून अपना काम करे।
षड्यंत्र का आरोप
कंप्यूटर बाबा ने आरोप लगाया है कि शंकराचार्य के खिलाफ यह कार्रवाई एक साजिश का हिस्सा हो सकती है। उनका दावा है कि इस कदम से धार्मिक भावनाएं आहत हो रही हैं। उन्होंने संबंधित एजेंसियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि जांच पूरी पारदर्शिता के साथ होनी चाहिए। उनका कहना है कि बिना ठोस प्रमाण किसी को दोषी ठहराना ठीक नहीं है।
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पुलिस कार्रवाई पर सवाल
उन्होंने यह भी कहा कि प्रयागराज पुलिस की कार्रवाई पर कई लोग सवाल उठा रहे हैं। उनके अनुसार, मामले की गहराई से जांच होनी चाहिए ताकि किसी भी तरह का भ्रम दूर हो सके। उन्होंने राष्ट्रपति से अनुरोध किया कि इस मुद्दे को गंभीरता से लें और निष्पक्ष प्रक्रिया सुनिश्चित करें।
आगे क्या होगा
फिलहाल इस मामले में जांच जारी है और आधिकारिक रूप से पुलिस की ओर से विस्तृत बयान सामने नहीं आया है। राजनीतिक और धार्मिक संगठनों की प्रतिक्रियाएं लगातार आ रही हैं। अब सबकी नजर इस पर है कि आगे जांच किस दिशा में जाती है और कानून के तहत क्या कदम उठाए जाते हैं।