मुजफ्फरनगर। विशेष अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (पोक्सो एक्ट) अलका भारती ने नाबालिग का अपहरण कर उसके साथ दुष्कर्म करने वाले आरोपी को 20 साल की सजा व 20 हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया है।
अभियोजन की ओर से पैरवी करने वाले विशेष लोक अभियोजक विक्रांत राठी एवं दीपक गौतम ने बताया कि तितावी थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी व्यक्ति ने 14 अप्रैल 2021 को थाने पर रिपोर्ट दर्ज कराते हुए आरोप लगाया था कि 10 अप्रैल की रात में वह अपने घेर में सोया था, जबकि उसकी पत्नी व बच्चे घर पर सोए हुए थे। रात्रि में आरोपी सुमित निवासी धौलरी थाना तितावी घर पर बाइक लेकर आया था और उसकी नाबालिग बेटी का बहला फुसलाकर अपहरण कर ले गया। आरोपी ने उसकी बेटी के साथ जबरदस्ती दुष्कर्म भी किया। पुलिस ने किशोरी को बरामद कर आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
पुलिस में विवेचना के बाद आरोपी के खिलाफ पॉक्सो अधिनियम समेत अन्य धाराओं में आरोप पत्र कोर्ट में प्रेषित किया था। इस मामले की सुनवाई विशेष अपर एवं जिला सत्र न्यायाधीश (पोक्सो एक्ट) की पीठासीन विशेष अपर जिला सत्र न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) अलका भारती की कोर्ट में हुई। कोर्ट में अभियोजन की ओर से आरोप साबित करने के लिए आठ गवाहों के बयान कराए गए। दोनों पक्षों की बहस और पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर
विशेष सत्र न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट अल्का भारती ने आरोपी सुमित को अपहरण हैं एवं दुष्कर्म की धाराओं में दोषी मानते हुए कुल 20 वर्ष की कैद की सजा सुनाई है। आरोपी पर कोर्ट ने विभिन्न धाराओं में 20 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया है।