Barricades Removed Jantar Mantar: दिल्ली के जंतर-मंतर के आसपास रहने वाले लोगों को लंबे समय से चली आ रही आवाजाही की परेशानी से राहत मिली है। दिल्ली पुलिस ने इलाके में लगाए गए अवरोधकों को हटा दिया है, जिससे स्थानीय निवासियों और रोजाना इस रास्ते से गुजरने वाले लोगों की मुश्किलें कम हुई हैं। यह कदम जंतर-मंतर को आधिकारिक प्रदर्शन स्थलों की सूची से हटाए जाने के कुछ दिनों बाद उठाया गया है। गृह मंत्रालय की ओर से गठित समिति की सिफारिशों के आधार पर यह फैसला लिया गया था। लंबे समय से स्थानीय लोग रास्तों पर लगी पाबंदियां हटाने की मांग कर रहे थे।
प्रदर्शनों के दौरान बढ़ाई गई थी सुरक्षा व्यवस्था
जंतर-मंतर पर हाल के दिनों में हुए विभिन्न विरोध प्रदर्शनों के बाद पुलिस ने आसपास के इलाकों में सुरक्षा कड़ी कर दी थी। कॉकरोच जनता पार्टी और छात्र संगठनों के प्रदर्शनों के दौरान लुटियंस दिल्ली के कई रास्तों पर अवरोधक लगाए गए थे। प्रदर्शनकारियों की आवाजाही नियंत्रित करने के लिए बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात किए गए थे। इसके अलावा भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 भी लागू की गई थी। इसके तहत एक स्थान पर बड़ी संख्या में लोगों के जुटने और बिना अनुमति मार्च निकालने पर रोक लगाई गई थी।
11 अक्टूबर को प्रदर्शन स्थल की सूची से बाहर हुआ जंतर-मंतर
दिल्ली पुलिस आयुक्त के स्थायी आदेश के तहत 11 अक्टूबर को जंतर-मंतर को आधिकारिक प्रदर्शन स्थलों की सूची से हटा दिया गया था। इसके बाद दिल्ली में धरना और विरोध प्रदर्शन आयोजित करने के लिए तीन वैकल्पिक स्थान निर्धारित किए गए हैं। इनमें मध्य दिल्ली का रामलीला मैदान, पूर्वी दिल्ली का सीबीडी मैदान और उत्तर-पश्चिमी दिल्ली का बुराड़ी मैदान शामिल हैं। अब निर्धारित नियमों के तहत इन स्थानों पर प्रदर्शन आयोजित किए जा सकेंगे।
सुप्रीम कोर्ट में पुलिस ने बताई फैसले की वजह
दिल्ली पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल हलफनामे में कहा है कि जंतर-मंतर अब विरोध प्रदर्शनों के लिए उपयुक्त स्थान नहीं रह गया है। पुलिस आयुक्त अनुराग कुमार के मुताबिक, सार्वजनिक सड़कों को स्थायी प्रदर्शन स्थल बनाना उचित नहीं है। पुलिस ने यातायात जाम, नागरिकों की सुरक्षा, आपातकालीन सेवाओं की पहुंच और महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की सुरक्षा को फैसले का आधार बताया। हलफनामे में यह भी उल्लेख किया गया है कि जंतर-मंतर के तीन से चार किलोमीटर के दायरे में 78 विदेशी दूतावास, राजनयिक मिशन और अंतरराष्ट्रीय संगठनों के कार्यालय स्थित हैं।
कई ऐतिहासिक आंदोलनों का केंद्र रहा है जंतर-मंतर
दिल्ली का जंतर-मंतर लंबे समय से देश के राजनीतिक और सामाजिक आंदोलनों का प्रमुख केंद्र रहा है। यहां विभिन्न राजनीतिक दलों, छात्र संगठनों, सामाजिक संस्थाओं और नागरिक कार्यकर्ताओं ने अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किए हैं। कई बड़े जनआंदोलनों की शुरुआत और उनसे जुड़ी गतिविधियां भी इसी जगह से संचालित हुई हैं। हालांकि, अब इसे अधिकृत प्रदर्शन स्थलों की सूची से बाहर किए जाने के बाद विरोध प्रदर्शनों के लिए दूसरे स्थान निर्धारित किए गए हैं। अवरोधक हटने से फिलहाल आसपास के निवासियों और आम राहगीरों को राहत मिली है।