नोएडा। पुलिस कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर की साइबर क्राइम यूनिट ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। थाना साइबर क्राइम, थाना नॉलेज पार्क और मेरठ ज़ोन की साइबर कमांड टीमों के संयुक्त अभियान में अंतरराष्ट्रीय साइबर थ्रेट एक्टर Solar Spider से जुड़े एक सक्रिय मॉड्यूल का पर्दाफाश किया गया। इस कार्रवाई में दो विदेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया गया है, जो को-ऑपरेटिव बैंकों की सिस्टम कमजोरियों का फायदा उठाकर बड़े पैमाने पर फ्रॉड की साजिश रच रहे थे।
प्रभारी डीसीपी साइबर शैव्या गोयल ने बताया, "इंटेलिजेंस इनपुट के आधार पर हमने त्वरित कार्रवाई की। जांच में पता चला कि यह समूह कुछ को-ऑपरेटिव बैंकों की सुरक्षा वल्नरेबिलिटी का फायदा उठाकर ₹60-80 करोड़ की राशि को म्यूल खातों में ट्रांसफर करने और फिर क्रिप्टोकरेंसी के जरिए विदेश भेजने की योजना बना रहा था। गोपनीय सूचनाओं के आधार पर हमने इस मॉड्यूल को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया।"
जांच के दौरान खुलासा हुआ कि गिरफ्तार आरोपी इसी गैंग के सदस्य थे, जिसने 7-8 मार्च के सप्ताहांत में गुजरात के एक को-ऑपरेटिव बैंक से ₹7 करोड़ की धोखाधड़ी की थी। आरोपी जानबूझकर वीकेंड पर ऐसे ट्रांजेक्शन करते थे, जब बैंक बंद रहते हैं, ताकि फ्रॉड का पता चलने में देरी हो और राशि ट्रांसफर हो जाए।
डीसीपी शैव्या गोयल ने आगे कहा, "हमने तुरंत Indian Cyber Crime Coordination Centre (I4C) और संबंधित बैंकों को अलर्ट किया, जिससे आगे होने वाली कई करोड़ की संभावित धोखाधड़ी को रोका जा सका। पूछताछ में यह भी सामने आया कि आरोपी Solar Spider थ्रेट एक्टर से जुड़े हैं, जो पहले भी इसी तरह के हमलों में शामिल रहा है। गौरतलब है कि 2025 में भी गौतमबुद्धनगर पुलिस ने इसी गैंग की एक अन्य इकाई को पकड़ा था।"
प्रारंभिक जांच से संकेत मिले हैं कि इस नेटवर्क के अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन हैं, खासकर नाइजीरिया और दक्षिण अफ्रीका जैसे देशों में सक्रिय साइबर अपराधियों से। पुलिस ने को-ऑपरेटिव बैंकों के लिए एडवाइजरी जारी की है, जिसमें साइबर सुरक्षा मजबूत करने, वल्नरेबिलिटी की समीक्षा करने और निगरानी सिस्टम को सुदृढ़ बनाने की सलाह दी गई है।अभियान के तहत अग्रिम जांच और विधिक कार्रवाई जारी है। पुलिस कमिश्नरेट ने आमजन से अपील की है कि साइबर फ्रॉड की किसी भी शक की स्थिति में तुरंत साइबर क्राइम थाने या हेल्पलाइन से संपर्क करें।