East Delhi News: अपराधियों पर नकेल कसने और महिलाओं एवं लड़कियों की सुरक्षा को और मजबूत बनाने के लिए पूर्वी जिला पुलिस ने नाइट साइकिल पेट्रोलिंग की विशेष पहल शुरू की है। इस अभियान के तहत अब अंधेरी गलियों, सुनसान रास्तों, घनी आबादी वाली बस्तियों और अपराध प्रभावित इलाकों में पुलिसकर्मी साइकिल से गश्त करेंगे। खास बात यह है कि इस अभियान का नेतृत्व पूर्वी जिले के डीसीपी राजीव कुमार, स्वयं कर रहे हैं। पुलिस ने इस गश्त को सप्ताह में दो दिन संचालित करने की योजना बनाई है।
रात में साइकिल गश्त की
डीसीपी राजीव कुमार ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों और बीट स्टाफ के साथ पूर्वी जिला पुलिस कार्यालय से संजय झील तक रात में साइकिल गश्त की। इस दौरान चिह्नित डार्क जोन, संकरी एवं एकांत गलियों, घनी आबादी वाले रिहायशी इलाकों और अपराध की दृष्टि से संवेदनशील स्थानों का जायजा लिया गया। इस पहल का उद्देश्य पुलिस की मौजूदगी को जमीनी स्तर तक पहुंचाना और अपराध की आशंका वाले क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाना है।पूर्वी जिला पुलिस की इस पहल में कल्याणपुरी, त्रिलोकपुरी, कोंडली, संजय झील और आसपास के इलाकों को शामिल किया गया है। झुग्गी-बस्तियों और ऐसे स्थानों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, जहां सुरक्षा व्यवस्था को अधिक सक्रिय रखने की जरूरत है।
पुलिस ने पिछले एक वर्ष के अपराध रिकॉर्ड, अपराध के पैटर्न और क्राइम मैपिंग के आधार पर गश्त के मार्ग और समय निर्धारित करने की योजना बनाई है। इससे उन क्षेत्रों में पुलिस संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल हो सकेगा, जहां निगरानी और पुलिस की पहुंच बढ़ाने की आवश्यकता है।
जहां नहीं पहुंच पाती गाड़ी, वहां साइकिल से पहुंचेगी पुलिस
संकरी गलियों और घनी बस्तियों में पुलिस वाहनों से गश्त करना कई बार मुश्किल होता है। ऐसे में साइकिल पुलिसकर्मियों को उन रास्तों तक पहुंचने में मदद करेगी, जहां सामान्य गश्ती वाहनों की आवाजाही सीमित रहती है। इससे पुलिस आसपास की गतिविधियों पर नजदीक से नजर रख सकेगी और स्थानीय लोगों से सीधे संवाद भी कर पाएगी।
इस अभियान में डीसीपी के साथ अतिरिक्त डीसीपी, सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी), थाना प्रभारी (एसएचओ) और बीट स्टाफ भी शामिल होंगे। वरिष्ठ अधिकारियों की भागीदारी से गश्त की निगरानी, स्थानीय सुरक्षा संबंधी समस्याओं की पहचान और पुलिस की जवाबदेही को मजबूत करने पर जोर दिया जाएगा।
गुलाबी साइकिलों पर महिला पुलिसकर्मी भी रहेंगी तैनात
इस अभियान का एक महत्वपूर्ण पहलू महिला पुलिसकर्मियों की भागीदारी है। महिला पुलिसकर्मी गुलाबी साइकिलों समेत साइकिलों से गश्त करेंगी। इसका उद्देश्य महिलाओं और लड़कियों में सुरक्षा का भरोसा बढ़ाना, लैंगिक संवेदनशील पुलिसिंग को प्रोत्साहित करना और जरूरत पड़ने पर पुलिस सहायता तक उनकी पहुंच आसान बनाना है। महिला पुलिसकर्मियों की सक्रिय मौजूदगी से स्थानीय महिलाओं को अपनी समस्याएं साझा करने का अवसर मिलेगा। साथ ही, पुलिस यह संदेश देना चाहती है कि महिलाओं की सुरक्षा उसकी प्राथमिकताओं में शामिल है और संवेदनशील इलाकों में उनकी सुरक्षा को लेकर विशेष सतर्कता बरती जाएगी।
क्या है मकसद
पूर्वी जिला पुलिस समय-समय पर अपराध के रुझानों, स्थानीय खुफिया सूचनाओं, मौके पर सामने आने वाली परिस्थितियों और नागरिकों से मिलने वाले फीडबैक के आधार पर गश्त के मार्ग, समय और तैनाती की समीक्षा करेगी। इसका मकसद अभियान को प्रभावी बनाए रखना और जरूरत के अनुसार पुलिस की मौजूदगी सुनिश्चित करना है।
पुलिस के प्रति विश्वास मजबूत करना
डीसीपी राजीव कुमार के मुताबिक, यह पहल केवल अपराध और असामाजिक गतिविधियों पर अंकुश लगाने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य जनता के साथ बेहतर संपर्क स्थापित करना और पुलिस के प्रति विश्वास मजबूत करना भी है।पूर्वी जिला पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अपराध की रोकथाम, जनसुरक्षा और नागरिकों तक पुलिस की सुलभ पहुंच सुनिश्चित करने के लिए जमीनी स्तर पर निगरानी को और मजबूत किया जाएगा। अभियान का संदेश साफ है—हर इलाका महत्वपूर्ण है, हर गली को सुरक्षा मिलनी चाहिए और हर नागरिक तक पुलिस की पहुंच होनी चाहिए।