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Meerut News : साइबर ठगी की बढ़ती घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस को भी हाईटेक किया जा रहा है, क्योंकि वर्तमान में साइबर ठग रोज साइबर ठगी के नए-नए हत्थकंडे अपना रहे हैं. लिहाजा साइबर अपराधियों पर कानूनी चोट करने के लिए पुलिस अधिकारियों व पुलिसकर्मियों को साइबर अपराध से निपटने के लिए तैयार किया जा रहा है, जिसके तहत राष्ट्रीय अपराध अभिलेख ब्यूरो (एमसीआरबी) के सहयोग से ऑनलाइन प्रशिक्षण दिया जा रहा है. अभी तक 786 पुलिस अधिकारी व पुलिसकर्मी प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके है, जबकि 1050 प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे है.
डीआईजी मेरठ रेंज कलानिधि नैथानी ने बताया, बदलते हुए डिजिटल परिदृश्य में विभिन्न प्रकार के साइबर अपराध हो रहे हैं. मसलन साइबर ठगी, साइबर स्टाकिंग, साइबर बुलिंग, फिसिंग व पहचान आदि की घटनाएं हो रही हैं. इससे निपटने के लिए मेरठ, बागपत, हापुड़ व बुलंदशहर जिले के पुलिस अधिकारियों व पुलिसकर्मियों आवश्यक कौशल प्रदान करने के लिए राष्ट्रीय अपराध अभिलेख ब्यूरो (एमसीआरबी) के सहयोग से ऑनलाइन प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जो बड़ी पहल है। प्रशिक्षण में साइबर हेल्प डेस्क, साइबर थाना, थाना प्रभारी, साइबर संबंधी विवेचनाओं के विवेचक, राजपत्रित अधिकारियों व अन्य सभी को प्रशिक्षण में शामिल किया गया है.
उन्होंने बताया, अभी तक मेरठ जिले के 223 पुलिस अधिकारी व कर्मचारी प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके है, जबकि 354 प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे है. इनमें तीन राजपत्रित अधिकारी, एक थाना प्रभारी, 58 इंस्पेक्टर व दरोगा और 161 हेड कांस्टेबल व कांस्टेबल प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके है, जबकि 13 राजपत्रित अधिकारी, 27 थाना प्रभारी, 211 निरीक्षक व दरोगा और 103 हेड कांस्टेबल व कास्टेबल प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे है.
इसी बुलंदशहर में 314 पुलिस अधिकारी व पुलिसकर्मी प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके है, जबकि 147 प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। बागपत में 158 पुलिस अधिकारी व कर्मचारी प्रशिक्षण ले चुके है, जबकि 518 प्रशिक्षणरत हैं। इसी तरह हापुड़ जिले 91 पुलिस अधिकारी व कर्मचारी प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके है। 31 अधिकारी व कर्मचारी प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे है.