Police Training Centres: मध्यप्रदेश में पुलिस ट्रेनिंग सेंटर अब समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रहे हैं। प्रदेश के सभी 8 पुलिस ट्रेनिंग सेंटर अपने-अपने क्षेत्र के 8-8 गांवों को गोद लेकर उन्हें आदर्श ग्राम के रूप में विकसित करेंगे। यानी कुल 64 गांवों में पुलिस प्रशिक्षणार्थी सुरक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार जैसे मुद्दों पर काम करेंगे। इस अभिनव पहल की शुरुआत उमरिया के पुलिस ट्रेनिंग स्कूल ने की है, जिसने 15 गांवों को गोद लेने की योजना बनाई है।
आदर्श गांव के निर्माण की पहल
प्रदेश के पुलिस मुख्यालय की प्रशिक्षण शाखा द्वारा लिए गए इस निर्णय के तहत अब पुलिस सिर्फ कानून व्यवस्था तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि ग्रामीण विकास में भी सक्रिय भागीदारी निभाएगी। इस प्रयास के माध्यम से ग्रामीणों को मूलभूत सुविधाओं के साथ-साथ सुरक्षा और जागरूकता से जुड़ी जानकारी दी जाएगी। यह मॉडल भविष्य में अन्य राज्यों के लिए भी प्रेरणास्रोत बन सकता है।
प्रशिक्षुओं की तैनाती गांवों में
उमरिया जिले में पीटीएस एसपी मुकेश वैश्य के नेतृत्व में 203 प्रशिक्षुओं को 8 टीमों में बांटकर गोद लिए गए गांवों में भेजा गया है। ये टीमें ग्रामीणों से सीधा संवाद कर उनकी समस्याएं समझेंगी और उपलब्ध संसाधनों के अनुसार समाधान का प्रयास करेंगी। इन मुद्दों में स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता, प्राथमिक शिक्षा की स्थिति, रोजगार के अवसर और महिला सुरक्षा शामिल हैं।
सामाजिक जुड़ाव और भरोसे की शुरुआत
गांवों को गोद लेने का यह कदम पुलिस और ग्रामीणों के बीच विश्वास बढ़ाने में भी सहायक होगा। प्रशिक्षुओं को वास्तविक जीवन की चुनौतियों से रूबरू कराने का यह अवसर उन्हें संवेदनशील और जिम्मेदार अफसर बनने में मदद करेगा। साथ ही ग्रामीणों को अपने गांव के विकास के लिए सहयोगी भागीदार मिलेगा।