
Political battle of Mokama: बिहार विधानसभा चुनाव से पहले मोकामा सीट सियासी और जातीय तनाव का केंद्र बन गई है। जन सुराज पार्टी के नेता दुलारचंद यादव की हत्या के बाद हालात और बिगड़ गए हैं। घटना के बाद जदयू प्रत्याशी और बाहुबली नेता अनंत सिंह पर आरोप लगे, जिनकी रविवार को गिरफ्तारी कर ली गई। दुलारचंद, जन सुराज के उम्मीदवार पीयूष प्रियदर्शी के समर्थन में प्रचार कर रहे थे। बताया जा रहा है कि चुनाव प्रचार के दौरान दोनों दलों के समर्थक आमने-सामने आ गए, जिसके बाद फायरिंग हुई और दुलारचंद की मौत हो गई।
हत्या और आरोपों के बीच सियासी उबाल
दुलारचंद यादव की हत्या के बाद उनके परिजनों ने अनंत सिंह और उनके सहयोगियों पर हत्या की एफआईआर दर्ज कराई। वहीं पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक गोली पैर में लगी थी, लेकिन मौत कई गंभीर चोटों की वजह से हुई। इस बीच आरजेडी प्रत्याशी सूरजभान सिंह की पत्नी के काफिले पर हमला हुआ, जिससे तनाव और बढ़ गया। चुनाव आयोग ने घटना को गंभीरता से लेते हुए पटना ग्रामीण एसपी समेत चार अफसरों का तबादला कर दिया और बाढ़ के एसडीपीओ को निलंबित किया
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गिरफ्तारी के बाद सियासी समीकरण पर नजरें
घटना के बाद बिहार की राजनीति में हलचल मच गई है। तेजस्वी यादव ने सरकार पर आरोप लगाया कि सत्ता पक्ष के लोग अपराधियों को संरक्षण दे रहे हैं और चुनाव आयोग निष्क्रिय बना हुआ है। उधर, पुलिस ने अनंत सिंह को देर रात गिरफ्तार कर पटना लाया और मामले की जांच तेज कर दी है। अब मोकामा की यह लड़ाई सिर्फ एक सीट की नहीं, बल्कि बिहार की सियासत के नए समीकरणों का संकेत मानी जा रही है। चुनाव आयोग की सख्ती और बढ़ते आरोपों के बीच 6 और 11 नवंबर को होने वाले मतदान पर सबकी निगाहें टिक गई हैं।