लखनऊ। यूपी के बहराइच में कथावाचक पुंडरीक गोस्वामी को सलामी दी गई, जिसके बाद सियासी संग्राम मच गया। यूपी डीजीपी ने इस मामले को संज्ञान में लेते हुए एसपी से जवाब तलब किया है। सपा प्रमुख और भीम आर्मी चीफ ने भी सोशल मीडिया पर वीडियो को पोस्ट कर कानून व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं।
क्या है पूरा मामला
गौरतलब हो, पुलिस लाइन में बीते 8 से 14 नवंबर तक वृंदावन के पुंडरीक गोस्वामी द्वारा कथा पाठ का आयोजन हुआ था। इस कार्यक्रम के समापन के दौरान 14 नवंबर को एसपी राम नयन सिंह ने परेड का आयोजन किया। जिसमें पुंडरीक गोस्वामी भी मौजूद थे। उन्हें सलामी दी गई। परेड का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही सपा प्रमुख अखिलेश यादव और भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर आजाद ने ट्विटर अकाउंट से वीडियो पोस्ट कर कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए।
यूपी पुलिस ने ट्वीट कर क्या कहा
बता दें, पोस्ट के बाद मचे बवाल को देखते हुए गुरुवार को यूपी पुलिस ने ट्वीट कर जानकारी दी कि बहराइच में आयोजित एक कार्यक्रम में पुलिस परेड ग्राउंड के अनधिकृत उपयोग का पुलिस महानिदेशक द्वारा संज्ञान लिया गया है। पुलिस परेड ग्राउंड का उपयोग केवल पुलिस प्रशिक्षण, अनुशासन एवं आधिकारिक समारोहों के लिए निर्धारित मानकों के अनुसार किया जाना अनिवार्य है। निर्धारित मानकों के उल्लंघन के दृष्टिगत संबंधित पुलिस अधीक्षक से स्पष्टीकरण तलब किया गया है।
आचार्य पुंडरीक गोस्वामी को किया गया था आमंत्रित
बहराइच पुलिस ने भी ट्वीट किया है कि पुलिस प्रशिक्षण के दौरान कठिन मानसिक, शारीरिक परिश्रम के कारण मानसिक अवसाद उत्पन्न होने से जनपद में 28 पुलिसकर्मियों द्वारा त्याग पत्र दिया गया। पुलिस कर्मियों में मानसिक अवसाद उत्पन्न न हो और उनका मनोबल उच्च स्तर का बना रहे, इसके निमित्त योग, ध्यान और काउंसिलिंग की जाती है, जिसके क्रम में आचार्य पुंडरीक गोस्वामी को उद्बोधन के लिए आमंत्रित किया गया था। आचार्य द्वारा कर्तव्य बोध और विषम परिस्थितियों में चरित्रवान होकर राष्ट्र सेवा के कर्तव्य पथ पर अग्रसर रहने के विषय में प्रदत्त नैतिक उद्बोधन, अवसाद निवारण करने वाला और प्रेरणास्पद रहा एवं प्रशिक्षु पुलिस कर्मियों हेतु प्रेरणादायी भी सिद्ध हुआ।