Varanasi News: पॉलिटिकल टूरिज्म के बाद अब पॉलिटिकल मार्केट का रूप भी काशी में उभर रहा है। बनारस के हैंडीक्राफ्ट में शुमार स्टोन कार्विंग की विधा से काशी के कारीगर पत्थरों पर नक्काशी करके कई तरह के उत्पाद बना रहे हैं। इसी कड़ी में काशी के कारीगरों ने स्टोन से लोटस टर्टल तैयार किया है। इस लोटस टोटल की डिमांड मुंबई और दिल्ली में खूब रहती है। खासतौर पर चुनाव के समय। राजनीतिक दल का चुनाव चिह्न होने के कारण लोट्स टर्टल की मांग अब यूपी से भी हो रही है। हालांकि सजावट के तौर पर विदेश से मांग रहती है।
हस्तशिल्प कला पूरे विश्व में अपनी अलग पहचान बना रही
काशी की ऐतिहासिक गलियों से निकलकर अब बनारस की हस्तशिल्प कला पूरे विश्व में अपनी अलग पहचान बना रही है। इस पहचान को नहीं ऊंचाई देने में बाजार का नया स्वरूप (पाॅलिटिकल बाजार) उभर रहा है। पॉलिटिकल मार्केट में काशी के हैंडीक्राफ्ट के डिमांड देखी जा रही है। इसी शृंखला में स्टोन कार्विंग के कई उत्पादों की मांग देश के साथ विदेश में है।
स्टोन से लोटस टर्टल तैयार किया
काशी के स्टोन आर्टिस्ट आदर्श कुमार मौर्य ने स्टोन से लोटस टर्टल तैयार किया है। यह दिखने में 3 डी फार्म में नजर आता है और ओरिजिनल लगता है। इसी पीठ पर कमल का फूल बनाया गया है। आदर्श बताते हैं कि सोशल मीडिया में इसकी तस्वीर देखकर पहली बार मुंबई से आर्डर आए। इसके बाद दिल्ली से और अब यूपी से आर्डर मिल रहे हैं। स्टोन से बने लोटस टर्टल की डिमांड खास तौर से राजनीतिक दल की ओर आ रही है।
1000 पीस का मिल चुका है ऑर्डर
आदर्श कहते हैं कि हमारे पास लगभग 1000 पीस से ज्यादा के आर्डर हैं। फिलहाल 200 से ज्यादा पीस तैयार कर लिए हैं। पहले दो से पांच कारीगर लगे हुए थे, लेकिन डिमांड को देखते हुए 25 से 30 कारीगर लगाए गए हैं। पॉलीटिकल पार्टी के अलावा सामान्य लोग भी गिफ्ट के तौर पर खरीद रहे हैं।
गुलाबी मीनाकारी को भी मिली अलग पहचान
सरकार की ओडीओपी, जीआई योजना के तहत प्रत्येक जिल की पारंपरिक विशेषता को इंटरनेशनल मंच पर प्रोत्साहित किया जा रहा है। स्टोन कार्विंग, वुडन लेकर वियर, बनारस की गुलाबी मीनाकारी भी इनमें से एक है। बनारस की ये कलाएं अपनी अनूठी शिल्प शैली के लिए लोकप्रिय हैं। गुलाबी मीनाकारी की बात करें तो चांदी और सोने पर बारीक नक़्क़ाशी के जरिए इसे तैयार किया जाता है।