अयोध्या स्थित राम मंदिर में चढ़ावे और कीमती वस्तुओं के कथित गायब होने के मामले ने राजनीतिक और धार्मिक हलकों में नई बहस छेड़ दी है। इस मुद्दे को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने दिखाई दे रहे हैं। सूत्रों के अनुसार मामले में एफआईआर दर्ज करने की तैयारी चल रही है। वहीं, रामभक्तों की भावनाओं से जुड़े इस विषय पर विभिन्न संगठनों और नेताओं की प्रतिक्रियाएं लगातार सामने आ रही हैं।
वीएचपी अध्यक्ष ने जताई चिंता
विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) के अंतर्राष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार ने इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि घटना से करोड़ों रामभक्तों की आस्था को ठेस पहुंची है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि दोषी चाहे कोई भी हो, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। आलोक कुमार ने यह भी कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच हो और सच्चाई सामने लाई जाए ताकि श्रद्धालुओं का विश्वास बना रहे।
चंपत राय के इस्तीफे पर दिया जवाब
राम मंदिर निर्माण समिति के प्रमुख चेहरों में शामिल चंपत राय के इस्तीफे की मांग को लेकर पूछे गए सवाल पर आलोक कुमार ने कहा कि इस विषय पर उचित समय आने पर विचार किया जाएगा। हालांकि उन्होंने किसी भी प्रकार की जल्दबाजी से बचने की सलाह दी और कहा कि पहले जांच पूरी होनी चाहिए। उनके इस बयान के बाद चंपत राय के भविष्य को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
अरविंद केजरीवाल ने जताया दुख
आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी मामले पर प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने कहा कि इस पूरे घटनाक्रम से उनका मन अत्यंत दुखी है। केजरीवाल ने आरोप लगाया कि मंदिर से जुड़े कई महत्वपूर्ण सामान और चढ़ावे के गायब होने की खबरें चिंताजनक हैं। उन्होंने कहा कि धार्मिक स्थलों की गरिमा और श्रद्धालुओं के विश्वास की रक्षा करना सभी की जिम्मेदारी है।
अयोध्या दौरे पर जाएंगे केजरीवाल
अरविंद केजरीवाल 26 जून को अयोध्या पहुंचकर रामलला के दर्शन करेंगे। कार्यक्रम के अनुसार वह हनुमानगढ़ी में बजरंगबली की आरती में शामिल होंगे और वहां के संतों से मुलाकात भी करेंगे। संतों से चर्चा के बाद वह एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपनी बात जनता के सामने रखेंगे। इस बीच चढ़ावा विवाद को लेकर राजनीतिक बयानबाजी और जांच की मांग लगातार तेज होती जा रही है, जिस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।