Political turmoil over US tariffs: अमेरिका द्वारा भारतीय उत्पादों पर लगाए गए 50 फीसदी टैरिफ को लेकर देश की राजनीति गरमा गई है। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को घेरते हुए कहा कि इसका सीधा असर भारतीय कपड़ा उद्योग और रोजगार पर पड़ रहा है। वहीं सरकार समर्थक हलकों का कहना है कि वैश्विक व्यापार परिस्थितियों में बदलाव को देखते हुए भारत अपने हितों की रक्षा के लिए कूटनीतिक स्तर पर प्रयास कर रहा है।
रोजगार पर असर
राहुल गांधी ने गुरुग्राम के पास मानेसर स्थित एक कपड़ा फैक्ट्री का दौरा किया। उन्होंने कहा कि कपड़ा उद्योग देश में रोजगार देने वाला दूसरा सबसे बड़ा क्षेत्र है और अमेरिकी टैरिफ के चलते यहां अनिश्चितता बढ़ी है। उनका कहना था कि निर्यात घटने और ऑर्डर कम होने से मजदूरों और छोटे कारोबारियों पर दबाव बढ़ रहा है।
अमेरिकी टैरिफ का दबाव
राहुल गांधी ने दावा किया कि 50 फीसदी टैरिफ के कारण भारतीय उत्पाद महंगे हो रहे हैं, जबकि बांग्लादेश और चीन जैसे देशों से प्रतिस्पर्धा तेज है। दूसरी ओर, उद्योग से जुड़े विशेषज्ञों का कहना है कि यूरोप और अमेरिका में मांग में उतार-चढ़ाव का असर कई देशों पर पड़ रहा है और भारत भी इससे अछूता नहीं है।
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जवाबदेही की मांग
कांग्रेस नेता ने प्रधानमंत्री से इस मुद्दे पर सक्रिय पहल की मांग की और कहा कि व्यापार समझौतों में भारतीय उद्योग व श्रमिकों को प्राथमिकता मिलनी चाहिए। वहीं सरकार का पक्ष है कि भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों पर लगातार बातचीत चल रही है और दीर्घकालिक समाधान पर काम किया जा रहा है।
व्यापार समझौते की जरूरत
राहुल गांधी ने कहा कि भारत को ऐसा समझौता करना चाहिए जिससे उद्योग और नौकरियों की सुरक्षा हो। साथ ही, आर्थिक मामलों के जानकारों का मानना है कि वैश्विक व्यापार में संतुलन बनाना आसान नहीं, लेकिन कूटनीति और घरेलू सुधारों के जरिए नुकसान को कम किया जा सकता है। आने वाले समय में सरकार और विपक्ष दोनों की नजर इस मुद्दे पर रहेगी।