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Azam Khan Release: समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री आज़म खान की मंगलवार सुबह सीतापुर जेल से रिहाई तय मानी जा रही है। वे पिछले 23 महीनों से जेल में बंद थे। सोमवार को उनकी रिहाई होनी थी, लेकिन रिहाई आदेश समय पर न पहुंच पाने के कारण प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी। जेल प्रशासन ने अब मंगलवार सुबह सात बजे उनकी रिहाई की तैयारी पूरी कर ली है। समाजवादी पार्टी का कहना है कि भाजपा सरकार ने झूठे मुकदमों के जरिए उन्हें लंबे समय तक प्रताड़ित किया।
सपा का आरोप, भाजपा ने किया अन्याय
समाजवादी पार्टी नेताओं का आरोप है कि आज़म खान को राजनीतिक कारणों से निशाना बनाया गया। सपा नेता रविदास मेहरोत्रा ने कहा कि हाईकोर्ट से सभी मामलों में जमानत मिलने के बाद भी उन्हें रिहाई में देरी का सामना करना पड़ा। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कई बार विधायक और मंत्री रहने के बावजूद जेल में उन्हें बुनियादी सुविधाएं भी नहीं दी गईं। पार्टी का मानना है कि भाजपा सरकार ने राजनीतिक बदले की भावना से काम किया।
बसपा में संभावित एंट्री से बढ़ा सस्पेंस
इस बीच आज़म खान की रिहाई के साथ ही उनके बसपा में जाने की अटकलें तेज हो गई हैं। सूत्रों का कहना है कि 9 अक्टूबर को लखनऊ में मायावती का बड़ा सम्मेलन होना है और उसी मंच से आज़म खान बसपा में शामिल हो सकते हैं। सोमवार को कई बसपा पदाधिकारी सीतापुर जेल पहुंचे, जिससे इन चर्चाओं को और बल मिला है। वहीं, बसपा विधायक उमाशंकर सिंह ने बयान दिया कि यदि आज़म खान पार्टी ज्वाइन करते हैं, तो उनका स्वागत किया जाएगा। इससे साफ है कि आज़म की रिहाई के बाद यूपी की सियासत में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।