Satya Niketan incident: दिल्ली के सत्य निकेतन में पीजी की इमारत गिरने के हादसे के बाद राजधानी में सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। हादसे में लोगों के मलबे में दबने की खबर के बाद पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली सरकार पर लापरवाही का आरोप लगाया। वहीं कांग्रेस ने मामले की न्यायिक जांच की मांग की है। दूसरी ओर, नेताओं ने नगर निगम की भूमिका और इमारत की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए हैं। हादसे के बाद बचाव और राहत अभियान जारी है।
केजरीवाल ने सरकार पर साधा निशाना
अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए हादसे पर दुख जताया और मलबे में फंसे लोगों के जल्द सुरक्षित बाहर निकलने की कामना की। उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली में सरकार की कथित लापरवाही के कारण लगातार हादसे सामने आ रहे हैं। केजरीवाल ने सरकार से बड़े स्तर पर कार्रवाई करने और राजधानी में लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की।
राहुल गांधी ने छात्रों की सुरक्षा पर उठाए सवाल
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने हादसे को बेहद दुखद बताते हुए बचाव दलों से हर संभव प्रयास करने की अपील की। उन्होंने कहा कि मलबे में दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्रों के दबे होने की भी जानकारी सामने आई है। राहुल गांधी ने कहा कि घायलों को बेहतर इलाज मिलना चाहिए और किसी भी व्यक्ति को बचाने में कोई कसर नहीं छोड़ी जानी चाहिए। उन्होंने पीजी में बड़ी संख्या में छात्रों के रहने की मजबूरी पर भी सवाल उठाया।
सत्य निकेतन, दिल्ली में इमारत गिरने का हादसा अत्यंत दुखद और चिंताजनक है। मेरी भगवान से प्रार्थना है कि मलबे में फंसे लोगों का सकुशल और जल्द रेस्क्यू हो जाए।
— Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal) September 6, 2026
दिल्ली में सरकार की लापरवाही के कारण अब तक कई हादसे हो चुके हैं। सरकार को नींद से जागना होगा। बड़े स्तर पर एक्शन लेकर… https://t.co/HSzRPPOVJy
दिल्ली के सत्य निकेतन में इमारत ढहने की खबर बेहद दर्दनाक और चिंताजनक है। कई लोगों के मलबे में दबे होने की खबर है, जिनमें दिल्ली यूनिवर्सिटी के कई छात्र भी शामिल हैं।
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) September 6, 2026
मेरी अपील है कि NDRF, दिल्ली फायर सर्विस और सभी बचाव दल हर संभव प्रयास करके हर एक छात्र तक पहुँचें, घायलों को… https://t.co/uQi7H8HPra
कांग्रेस ने सील हटाने की जांच मांगी
दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने हादसे की न्यायिक जांच कराने की मांग की। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर इमारत को पहले सील किया गया था, तो करीब एक महीने पहले उसे किसके आदेश पर खोला गया। उन्होंने कहा कि इस मामले में दिल्ली सरकार और एमसीडी की जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने भी छात्रों के लिए सुरक्षित आवास और हॉस्टल सुविधाओं की कमी पर चिंता जताई।
पुलिस बोली, छह लोगों को बचाया गया
आप विधायक अमानतुल्लाह खान ने एमसीडी पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए अधिकारियों से जवाबदेही तय करने की मांग की। वहीं दिल्ली पुलिस के मुताबिक शुरुआती जांच में पता चला है कि इमारत करीब 40-50 साल पुरानी थी। इसमें बेसमेंट के अलावा पांच मंजिल थीं और इसका इस्तेमाल पीजी के तौर पर किया जा रहा था। हादसे के समय बेसमेंट में मरम्मत का काम चल रहा था। पुलिस के अनुसार अब तक छह लोगों को सुरक्षित निकालकर अस्पताल में भर्ती कराया गया है और मलबे में तलाश एवं बचाव अभियान जारी है।