Middle East crisis: अरविंद केजरीवाल ने मध्य पूर्व में जारी तनाव के असर को लेकर केंद्र सरकार की तैयारियों पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय हालात के चलते देश में आर्थिक दबाव बढ़ा है, लेकिन सरकार इस स्थिति से निपटने में पूरी तरह तैयार नजर नहीं आई।
कारोबार पर असर का दावा
केजरीवाल ने कहा कि मौजूदा हालात का असर देश के शेयर बाजार और कारोबार पर साफ दिख रहा है। उनके मुताबिक बाजार में गिरावट आई है और कई जगह व्यापार प्रभावित हुआ है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि एलपीजी की कमी के कारण छोटे व्यवसायों को परेशानी झेलनी पड़ रही है।
आम जनता की दिक्कतें
उन्होंने कहा कि गैस सिलेंडर की कमी के चलते लोगों को लंबी कतारों में लगना पड़ रहा है। खासकर गर्मी के मौसम में यह स्थिति और कठिन हो गई है। केजरीवाल के अनुसार, इसका सीधा असर आम जनता और छोटे कारोबारियों पर पड़ रहा है।
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सरकार की तैयारी पर उठाए सवाल
आम आदमी पार्टी नेता ने सवाल किया कि जब वैश्विक स्तर पर तनाव बढ़ने की आशंका पहले से थी, तो सरकार ने समय रहते वैकल्पिक व्यवस्था क्यों नहीं की। उन्होंने कहा कि इस तरह की स्थिति से निपटने के लिए पहले से योजना बनाना जरूरी था, ताकि संकट का असर कम किया जा सके।
रोजगार को लेकर चिंता
केजरीवाल ने यह भी कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में प्रवासी मजदूरों के सामने रोजगार का संकट खड़ा हो रहा है और रुपये पर भी दबाव बना है। उन्होंने आरोप लगाया कि हर संकट का बोझ आखिरकार आम जनता पर ही पड़ता है, जिसे कम करने के लिए ठोस कदम उठाए जाने चाहिए।