opposition missed a big opportunity: लोकसभा में महिला आरक्षण और परिसीमन से जुड़े संविधान संशोधन विधेयक को आवश्यक बहुमत न मिलने के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि महिलाओं को सम्मान और अधिकार देने वाले इस ऐतिहासिक मौके पर विपक्ष ने साथ नहीं दिया और एक बड़ा अवसर गंवा दिया। उन्होंने भरोसा जताया कि सरकार महिलाओं के अधिकारों के लिए अपना अभियान जारी रखेगी।
दो-तिहाई बहुमत नहीं मिलने से गिरा विधेयक
वोटिंग के दौरान कुल 528 सांसदों ने हिस्सा लिया, जिसमें बिल के पक्ष में 298 और विरोध में 230 वोट पड़े। हालांकि इस विधेयक को पास कराने के लिए 352 वोटों की जरूरत थी, जो पूरी नहीं हो सकी। इस कारण संविधान संशोधन विधेयक पारित नहीं हो पाया और सरकार को झटका लगा।
भूमिका पर उठाए सवाल
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इतने महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक बिल पर विपक्ष का समर्थन न मिलना निराशाजनक है। उनके अनुसार, यह सिर्फ एक विधेयक नहीं था बल्कि महिलाओं को उनका अधिकार दिलाने की दिशा में बड़ा कदम था। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार इस दिशा में लगातार प्रयास करती रहेगी।
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विधेयकों पर भी रुकी प्रक्रिया
रिजिजू ने बताया कि इस संशोधन विधेयक से जुड़े दो अन्य बिल—केंद्र शासित प्रदेश कानून संशोधन विधेयक 2026 और परिसीमन विधेयक 2026—भी इससे जुड़े हुए थे। मुख्य बिल पास न होने के कारण इन पर भी आगे की प्रक्रिया नहीं बढ़ सकी और वोटिंग नहीं हो पाई।
आगे भी जारी रहेगा प्रयास
सरकार ने स्पष्ट किया है कि महिलाओं को अधिकार और प्रतिनिधित्व देने के प्रयास आगे भी जारी रहेंगे। वहीं विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच इस मुद्दे पर टकराव आने वाले समय में और तेज होने के संकेत हैं।