Pollution: राजधानी दिल्ली-एनसीआर में बीते एक महीने से जारी वायु प्रदूषण सेहत के लिए मुश्किलें बढ़ाता जा रहा है। कई इलाकों में आज सुबह AQI का स्तर 500 तक पहुंच गया। जिसके चलते सरकार ने GRAP-4 को लागू कर दिया है। प्रदूषण के चलते लोगों को सांस लेने में दिक्कत हो रही है, आंखों में जलन और खांसी जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। State of Global Air 2025 की रिपोर्ट बताती है कि साल 2023 में वायु प्रदूषण की वजह से 20 लाख लोगों की मौत हुई थी। प्रदूषण सिर्फ इंसान की सेहत ही नहीं बल्कि माली हालत भी खराब कर रहा है।
परिवारों पर आर्थिक तनाव बढ़ता जा रहा
आपको बता दें कि सरकार ने संसद को बताया है कि साल 2024 में दिल्ली के सेंटिनल अस्पतालों में 'एक्यूट रेस्पिरेटरी इलनेस' के 68,411 मामले दर्ज किए गए थे, जिनमें से 10,819 मरीजों को अस्पताल में भर्ती करने की जरूरत पड़ी थी। प्रदूषण के बढ़ते मामलों की वजह से मेडिकल बिल भी बढ़ रहे हैं और परिवारों पर आर्थिक तनाव बढ़ता जा रहा है।
प्रदूषण बन रहा वित्तीय आपदा
वायु प्रदूषण किसी बड़ी वित्तीय आपदा से कम नहीं है। अगर आप किसी बड़े और अच्छे प्राइवेट अस्पताल में इलाज कराने जाते हैं, तो मेडिकल बिल भी ज्यादा आएगा। चूंकि दिल्ली एनसीआर में प्रदूषण के मामले ज्यादा है, तो इनके इलाज के लिए खास तौर से रेस्पिरेटरी केयर जैसे कि नेबुलाइजेशन, ऑक्सीजन वगैरह शामिल होती हैं। जहां बिल का खर्चा भी ज्यादा आएगा। इसका एक अनुमानित आंकड़ा दिया गया है।
कितना आ सकता है बिल
बता दें कि हमने खर्चों को तीन हिस्सों में बांटा है, पहली हल्दी बीमारी, जिसमें अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत नहीं होती, इसमें लगभग आपका 6,500-10,000 रुपये का बिल बन जाएगा। दूसरी जिसमें आपको अस्पताल में भर्ती होना पड़े, इसमें लगभग आपका 40,000 - 74,000 रुपये तक बिल बन जाएगा। वहीं तीसरी अगर आपको ICU में भर्ती होने की नौबत आ जाए तो, आपका कुल अनुमानित बिल 2,05,000- 5,15,000 रुपये के करीब आ सकता है।
हेल्थ इंश्योरेंस भी महंगा होगा
पॉलिसीबाज़ार की एक रिपोर्ट के मुताबिक प्रदूषण की वजह से होने वाली बीमारियां अब हेल्थ इंश्योरेंस में अस्पताल भर्ती के कुल क्लेम्स का 8% हो गई हैं। पहले यह कम था, लेकिन पिछले 4 सालों में बढ़ता गया है। प्रदूषण की समस्या आमतौर पर मेट्रो शहरों जैसे, दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरू में होती है. चूंकि यहां पर रहने वाले लोग को हेल्थ रिस्क ज्यादा होता है, इसलिए इनका प्रीमियम भी ज्यादा होता है।