Posing as a domestic help, she stole jewellery worth lakhs in minutes; Noida police nabbed her.नोएडा के पॉश सेक्टरों में घरेलू सहायिका बनकर काम मांगने वाली दो महिलाएँ पिछले कई महीनों से मालकिनों का भरोसा जीतकर मौका पाते ही अलमारी से लाखों-करोड़ों की ज्वैलरी साफ कर फरार हो रही थीं। सेक्टर-24 और सेक्टर-49 पुलिस की संयुक्त टीम ने पश्चिम बंगाल में छापा मारकर दोनों शातिर महिलाओं को 19 नवंबर को गिरफ्तार कर लिया। उनके पास से करीब 85 लाख की सोने-हीरे की ज्वैलरी और 2.89 लाख नकद बरामद हुए हैं।
पुलिस मुख्यालय में शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए डीसीपी नोएडा यमुना प्रसाद ने बताया, “ये दोनों महिलाएँ पिछले 5 साल से नोएडा में रह रही थीं। इनका तरीका बेहद सुनियोजित था। काम माँगने जाती थीं, 2-4 दिन घर में काम करके मालकिन का पूरा भरोसा जीत लेती थीं। जब घर में कोई नहीं होता या मालकिन बाहर जाती, तुरंत अलमारी खंगालकर गहने-पैसे निकाल लेती थीं और उसी दिन काम छोड़कर गायब। चोरी के गहनों को तुरंत गला लेती थीं या राह चलते लोगों को ‘मजबूरी’ का रोना रोकर बेच देती थीं। दिवाली के आसपास ये दोनों पूरा माल लेकर पश्चिम बंगाल भाग गई थीं।
डीसीपी नोएडा ने बताया कि हमारी टीम ने सीसीटीवी, सर्विलांस और लोकल इंटेलिजेंस के आधार पर इनका पीछा किया और पश्चिम मेदिनीपुर व पूर्वी मेदिनीपुर में छापा मारकर इन्हें दबोच लिया।”गिरफ्तार महिलाओं की पहचान मामूनी जना उर्फ मोनी (31) और आशा उर्फ मामोनी उर्फ मोनी यादव (30) के रूप में हुई है। दोनों मूलतः पश्चिम बंगाल की रहने वाली हैं और नोएडा में किराए के मकान में रहती थीं।
मामूनी जना ने पूछताछ में कबूला कि उसने सेक्टर-12 (P-Block) के एक घर से 70 लाख से ज्यादा की ज्वैलरी चुराई थी। कुछ गहने बेचकर उसने 3 लाख रुपये कमाए थे, जिनमें से बची रकम (1.54 लाख) भी बरामद कर ली गई।
दूसरी आरोपी आशा ने बताया कि 9 अक्टूबर 2025 को वह बरौला में काम तलाश रही थी। रास्ते में एक महिला ने उसे सेक्टर-49 के एक घर में काम दिलवाया। उसी दिन काम शुरू किया और मौका पाते ही खुली अलमारी से सोने का बिस्किट (69 ग्राम), बैंगल और नकदी पार कर दी। दिवाली मनाने के बहाने पति के साथ पश्चिम बंगाल भाग गई और वहाँ गहने गलवाकर व बेचकर 1.34 लाख रुपये कमाए।
पुलिस ने बरामद किए गए गहनों की अनुमानित कीमत 85 लाख और कुल नकदी 2 लाख 89 हजार रुपये बताई है। दोनों महिलाओं को पश्चिम बंगाल की अदालत से ट्रांजिट रिमांड मिलने के बाद गौतमबुद्धनगर लाया जा रहा है।
डीसीपी यमुना प्रसाद ने लोगों से अपील की, “घरेलू सहायिका रखते समय पुलिस वेरिफिकेशन जरूर करवाएँ। घर में तिजोरी हमेशा लॉक रखें और अनजान व्यक्ति को अकेला न छोड़ें।” पुलिस का कहना है कि दोनों के खिलाफ और भी मामले सामने आ सकते हैं, जांच जारी है।