
Noida News: दिवाली की रात आतिशबाजी और बदलते मौसम के कारण नोएडा शहर में वायु प्रदूषण का स्तर खतरनाक रूप से बढ़कर 'गंभीर' श्रेणी में पहुंच गया। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार, मंगलवार सुबह नोएडा का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 412 दर्ज किया गया, जो स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा पैदा कर रहा है। ग्रेटर नोएडा में भी AQI 390 के आसपास रहा, जो 'बहुत खराब' से 'गंभीर' की ओर बढ़ रहा है।
प्रदूषण के कारण
दिवाली का असर: 20 अक्टूबर को दिवाली पर ग्रीन पटाखों के बावजूद भारी मात्रा में आतिशबाजी हुई। रात भर चले पटाखों ने शहर में धुंध की मोटी परत बना दी, जिससे PM2.5 और PM10 का स्तर क्रमशः 280+ और 500+ माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर तक पहुंच गया। पड़ोसी राज्यों (पंजाब और हरियाणा) में पराली जलाने का धुआं, कम हवा की गति (5-10 किमी/घंटा), और वाहनों व निर्माण कार्यों से निकलने वाला प्रदूषण स्थिति को और बदतर कर रहा है।
24 घण्टों में तेजी से बढ़ा वायु प्रदूषण
19 अक्टूबर को नोएडा का AQI 331 था, जो 24 घंटों में 80 अंकों से अधिक बढ़ गया। यह तेज वृद्धि चिंताजनक है।
स्वास्थ्य पर प्रभाव
'गंभीर' AQI स्तर (401+) स्वस्थ लोगों को भी प्रभावित कर सकता है। विशेषज्ञों ने सेहत पर पड़ने वाले प्रभावों की चेतावनी दी है:सांस संबंधी समस्याएं जैसे अस्थमा, ब्रोंकाइटिस, और सांस लेने में तकलीफ, आंखों में जलन, गले में खराश, और सिरदर्द, हृदय रोगियों और बच्चों-बुजुर्गों के लिए जोखिम में वृद्धि, दीर्घकालिक जोखिम से फेफड़ों की क्षति और अस्पताल में भर्ती का खतरा।
स्वास्थ्य सलाह
घर के अंदर रहें और खिड़कियां बंद रखें।
एयर प्यूरीफायर का उपयोग करें।
सुबह की सैर और बाहरी व्यायाम से बचें।
सांस की दिक्कत होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
सरकारी कार्रवाई:
GRAP स्टेज-II लागू, कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM) ने बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) स्टेज-II लागू कर दिया है। इसमें शामिल हैं:निर्माण कार्यों पर आंशिक रोक। पुराने डीजल-पेट्रोल वाहनों पर प्रतिबंध, सड़कों पर पानी का छिड़काव और धूल नियंत्रण, औद्योगिक इकाइयों पर सख्त निगरानी। यदि AQI 450+ पहुंचता है, तो स्टेज-III लागू हो सकता है, जिसमें स्कूल बंद करना और ऑड-ईवन नियम शामिल हो सकते हैं।
मौसम और भविष्य का अनुमान
मौसम विभाग के अनुसार, अगले 48 घंटों तक हवा की गति कम रहने से प्रदूषण का स्तर स्थिर या और खराब हो सकता है। 23 अक्टूबर तक नोएडा में AQI 400-450 के बीच रहने की संभावना है। लंबे समय में पराली जलाने पर सख्ती और इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देना जरूरी है।
विशेषज्ञों की राय
पर्यावरण विशेषज्ञ विक्रांत तोंगड का कहना है कि नोएडा-एनसीआर में प्रदूषण की समस्या हर साल दीवाली के बाद गंभीर हो जाती है। "पटाखों पर पूर्ण प्रतिबंध और पराली जलाने पर प्रभावी नियंत्रण के बिना यह संकट कम नहीं होगा। नागरिकों को भी जागरूक होकर आतिशबाजी कम करनी होगी"