भारतीय क्रिकेट में प्रज्ञान ओझा को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उन्हें टीम इंडिया का नया चीफ सेलेक्टर बनाया गया है। उनकी जिम्मेदारी सिर्फ खिलाड़ियों को चुनने तक सीमित नहीं रहने वाली। दावा किया जा रहा है कि उन्हें टीम के अंदर चल रहे मतभेदों को दूर करने का काम भी सौंपा गया है। हालांकि, बीसीसीआई की ओर से इस अतिरिक्त जिम्मेदारी को लेकर आधिकारिक पुष्टि की जानकारी खबर में नहीं दी गई है। अगर यह जिम्मेदारी उन्हें मिलती है, तो ओझा के सामने चयन के साथ टीम के माहौल को बेहतर बनाए रखने की चुनौती भी होगी।
कोहली और गंभीर के बीच सुलह कराने की चर्चा
रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि प्रज्ञान ओझा को विराट कोहली और मुख्य कोच गौतम गंभीर के बीच कथित मतभेदों को दूर करने की जिम्मेदारी भी दी गई है। दोनों के बीच पहले भी मैदान पर और सार्वजनिक रूप से बहस की खबरें सामने आ चुकी हैं।
दोनों खिलाड़ियों से अच्छे संबंध होने का दावा
खबरों के मुताबिक, प्रज्ञान ओझा के विराट कोहली और गौतम गंभीर दोनों से अच्छे संबंध हैं। इसी वजह से उन्हें दोनों के बीच बातचीत का रास्ता बनाने के लिए उपयुक्त माना जा रहा है। ओझा भारतीय टीम के लिए खेल चुके हैं और क्रिकेट के माहौल को अच्छी तरह समझते हैं। हालांकि, किसी विवाद को सुलझाने की जिम्मेदारी मिलने की बात की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। यदि ऐसा होता है, तो उन्हें दोनों पक्षों के बीच बेहतर तालमेल बनाने की कोशिश करनी पड़ सकती है।
सालाना तीन करोड़ रुपये वेतन मिलने की चर्चा
रिपोर्ट में दावा किया गया है कि चीफ सेलेक्टर के तौर पर प्रज्ञान ओझा को सालाना तीन करोड़ रुपये वेतन मिल सकता है। यह राशि उनकी नई जिम्मेदारी से जुड़ी बताई जा रही है। हालांकि, बीसीसीआई की ओर से उनके वेतन की आधिकारिक जानकारी इस खबर में नहीं दी गई है। इसलिए तीन करोड़ रुपये की रकम को पक्की जानकारी के बजाय रिपोर्ट में किया गया दावा समझना चाहिए। चीफ सेलेक्टर की भूमिका में खिलाड़ियों के प्रदर्शन, फिटनेस और टीम की जरूरतों के आधार पर चयन करना अहम होता है।
2027 और 2028 के बड़े टूर्नामेंट की चुनौती
प्रज्ञान ओझा के सामने अगर चीफ सेलेक्टर की जिम्मेदारी आती है, तो आने वाले वर्षों के बड़े टूर्नामेंट के लिए मजबूत टीम तैयार करना अहम होगा। 2027 में वनडे विश्व कप और 2028 में टी20 विश्व कप जैसे मुकाबलों के लिए खिलाड़ियों का चयन महत्वपूर्ण रहेगा। रिपोर्ट में 2027 के ओलंपिक का भी जिक्र किया गया है, हालांकि ओलंपिक में क्रिकेट के कार्यक्रम और भारतीय टीम की भागीदारी से जुड़ी जानकारी अलग से स्पष्ट होनी चाहिए। चयन समिति के लिए खिलाड़ियों की निरंतरता और सही संयोजन तैयार करना बड़ी चुनौती होगी।
अगरकर के बाद नई चयन समिति से उम्मीदें
रिपोर्ट के मुताबिक, प्रज्ञान ओझा ने अजीत अगरकर की जगह ली है। अगरकर की अगुवाई में भारतीय टीम ने कई बड़े आईसीसी खिताब जीते थे। ऐसे में नई चयन व्यवस्था से भी बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद होगी। हालांकि, ओझा की नियुक्ति, वेतन और विराट कोहली-गौतम गंभीर के बीच कथित मतभेद सुलझाने की जिम्मेदारी से जुड़ी जानकारी की आधिकारिक पुष्टि जरूरी है। फिलहाल खबर में किए गए दावों के आधार पर इतना कहा जा सकता है कि भारतीय क्रिकेट में चयन और टीम प्रबंधन को लेकर चर्चा तेज है।