Praising the BJP sparked: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के एक सोशल मीडिया पोस्ट ने देश की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी संगठन की तारीफ से जुड़े बयान को लेकर विपक्षी दलों में भी हलचल मच गई। विवाद बढ़ने के बाद दिग्विजय सिंह ने साफ किया कि उनके बयान का गलत मतलब निकाला जा रहा है और उन्होंने केवल संगठनात्मक ढांचे की बात की थी, न कि विचारधारा की।
बीजेपी संगठन की सराहना, तस्वीर से उठा विवाद
दिग्विजय सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर 1990 के दशक की एक पुरानी ब्लैक एंड व्हाइट तस्वीर साझा की थी। इस तस्वीर में नरेंद्र मोदी, वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी के पास जमीन पर बैठे नजर आ रहे हैं। इसके साथ उन्होंने लिखा कि कैसे एक जमीनी कार्यकर्ता संगठन के दम पर मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री तक का सफर तय करता है। इसी टिप्पणी को बीजेपी और पीएम मोदी की तारीफ के रूप में देखा गया, जिसके बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई।
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RSS से दूरी, नीतियों का विरोध
बयान पर सफाई देते हुए दिग्विजय सिंह ने कहा कि उन्होंने केवल संगठन की मजबूती की बात की है, न कि आरएसएस या उसकी विचारधारा की। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वह आरएसएस, प्रधानमंत्री मोदी और केंद्र सरकार की नीतियों के घोर विरोधी रहे हैं और आगे भी रहेंगे। उनका कहना था कि संगठन को मजबूत मानना या उसकी कार्यशैली पर चर्चा करना कोई अपराध नहीं है।
कांग्रेस के भीतर हलचल, नेताओं की प्रतिक्रियाएं
इस पूरे मामले के बीच कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता सार्वजनिक प्रतिक्रिया देने से बचते नजर आए। हालांकि, कुछ नेताओं ने संकेत दिया कि बयान को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया है। दिग्विजय सिंह ने यह भी कहा कि उन्होंने पार्टी के भीतर सुधार और चुनावी प्रक्रिया को मजबूत करने की बात पहले भी उठाई है। उनके मुताबिक, संगठनात्मक चर्चा को विचारधारा से जोड़कर विवाद बनाना सही नहीं है।