Pralhad Joshi New Education Minister : नीट परीक्षा से जुड़े पेपर लीक विवाद के बीच केंद्र सरकार में बड़ा प्रशासनिक बदलाव किया गया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने प्रधानमंत्री की सलाह पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया। इसके साथ ही वरिष्ठ केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी को उनके मौजूदा मंत्रालयों के अतिरिक्त शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी भी सौंप दी गई है। राष्ट्रपति भवन की ओर से जारी आधिकारिक जानकारी में बताया गया कि यह निर्णय संविधान के अनुच्छेद 75(2) के तहत लिया गया है। सरकार का कहना है कि शिक्षा मंत्रालय का कामकाज बिना किसी बाधा के जारी रखने के लिए यह व्यवस्था की गई है।
राष्ट्रपति भवन ने जारी की आधिकारिक सूचना
राष्ट्रपति भवन की ओर से जारी बयान के अनुसार, प्रधानमंत्री की सिफारिश पर धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा स्वीकार किया गया। इसके साथ ही कैबिनेट मंत्री प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंपने की मंजूरी दी गई। जोशी पहले से ही उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण तथा नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय का कार्यभार संभाल रहे हैं। अब वे शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी भी निभाएंगे। इस फैसले के बाद शिक्षा मंत्रालय के प्रशासनिक कार्यों कीप्रह्लाद जोशी का जन्म 27 नवंबर 1962 को कर्नाटक में हुआ। साधारण परिवार से आने वाले जोशी ने सार्वजनिक जीवन की शुरुआत सामाजिक गतिविधियों से की और बाद में सक्रिय राजनीति में प्रवेश किया। वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से भी जुड़े रहे और कई जनआंदोलनों कमान उनके हाथों में आ गई है।
प्रह्लाद जोशी का राजनीतिक सफर
प्रह्लाद जोशी का जन्म 27 नवंबर 1962 को कर्नाटक में हुआ। साधारण परिवार से आने वाले जोशी ने सार्वजनिक जीवन की शुरुआत सामाजिक गतिविधियों से की और बाद में सक्रिय राजनीति में प्रवेश किया। वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से भी जुड़े रहे और कई जनआंदोलनों में भागीदारी निभाई। वर्ष 1998 में उन्हें भाजपा के धारवाड़ जिला अध्यक्ष की जिम्मेदारी मिली। इसके बाद 2004 में पहली बार धारवाड़ लोकसभा सीट से सांसद चुने गए। लगातार पांच बार लोकसभा पहुंचने वाले जोशी ने कोयला, खान, संसदीय कार्य, खाद्य एवं उपभोक्ता मामले तथा नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा जैसे महत्वपूर्ण मंत्रालयों का नेतृत्व किया है।
शिक्षा और सामाजिक जीवन
प्रह्लाद जोशी ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा रेलवे स्कूल और हुबली के न्यू इंग्लिश स्कूल से पूरी की। इसके बाद उन्होंने कर्नाटक विश्वविद्यालय से संबद्ध के.एस. आर्ट्स कॉलेज, हुबली से कला संकाय में स्नातक (बी.ए.) की डिग्री प्राप्त की। छात्र जीवन के दौरान ही वे सामाजिक कार्यों और जनहित के मुद्दों से जुड़े रहे। पढ़ाई के साथ उन्होंने स्थानीय स्तर पर एक छोटा औद्योगिक व्यवसाय भी संचालित किया और सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाई, जिससे उनकी सार्वजनिक पहचान मजबूत हुई।
नई जिम्मेदारी से बढ़ी उम्मीदें
शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार मिलने के बाद प्रह्लाद जोशी के सामने शिक्षा व्यवस्था से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम करने की चुनौती होगी। वर्तमान में वे स्वच्छ ऊर्जा और उपभोक्ता मामलों से जुड़े मंत्रालयों की जिम्मेदारी भी संभाल रहे हैं। ऐसे में शिक्षा क्षेत्र में नीतिगत फैसलों, परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और संस्थागत सुधारों पर उनकी भूमिका महत्वपूर्ण मानी जा रही है। सरकार को उम्मीद है कि उनके प्रशासनिक अनुभव का लाभ शिक्षा मंत्रालय को भी मिलेगा और मंत्रालय की कार्यप्रणाली पहले की तरह सुचारु रूप से आगे बढ़ेगी।