मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले के युवक प्रसन्नजीत रंगारी ने 14 साल पाकिस्तान की जेल में बिताने के बाद आखिरकार भारत की धरती पर कदम रखा है। मानसिक स्थिति बिगड़ने के दौरान सीमा पार कर जाने वाला यह युवक अब अपने परिवार से मिलने वाला है। उसकी रिहाई के पीछे बहन संघमित्रा की वर्षों लंबी कोशिशें और लगातार किया गया संघर्ष सबसे बड़ी वजह बनीं।
बालाघाट से पाकिस्तान तक की दर्दभरी कहानी
वारासिवनी क्षेत्र के खैरलांजी गांव निवासी 38 वर्षीय प्रसन्नजीत पढ़ाई में तेज था। बी-फार्मेसी की पढ़ाई पूरी करने के बाद वह आगे की शिक्षा लेना चाहता था, लेकिन मानसिक संतुलन बिगड़ने के चलते उसकी जिंदगी अचानक पटरी से उतर गई। इलाज और निगरानी के बावजूद वह घर से भटक गया और हालात ऐसे बने कि अनजाने में सीमा पार कर पाकिस्तान पहुंच गया, जहां उसे हिरासत में ले लिया गया।
परिवार की तलाश और बहन का संकल्प
लंबे समय तक कोई सुराग न मिलने के बाद परिवार निराश हो चुका था। लेकिन बहन संघमित्रा खोबरागड़े ने हार नहीं मानी। उन्होंने अलग-अलग स्तर पर प्रशासनिक दफ्तरों के चक्कर लगाए, पत्र लिखे और मदद की गुहार लगाई। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और सामाजिक लोगों के सहयोग से यह मामला लगातार उठता रहा, जिससे प्रसन्नजीत की वापसी की उम्मीद बनी रही।
2021 की सूचना से बदली तस्वीर
साल 2021 में पाकिस्तान की लाहौर जेल से रिहा होकर लौटे एक अन्य भारतीय नागरिक ने फोन कर परिवार को बताया कि प्रसन्नजीत अभी भी वहां कैद है। इस सूचना ने परिवार को नई ऊर्जा दी। इसके बाद संघमित्रा ने अपने भाई की रिहाई के लिए प्रयास और तेज कर दिए। लगातार आवेदन, दस्तावेज और पहचान से जुड़े प्रमाण जुटाए गए, ताकि कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ सके।
रिहाई के बाद अमृतसर में ठहराव
31 जनवरी 2026 को पाकिस्तान ने सात भारतीय नागरिकों को रिहा किया, जिनमें प्रसन्नजीत भी शामिल था। रिहा होने के बाद उसे पंजाब के अमृतसर में रेड क्रॉस परिसर में रखा गया है, जहां औपचारिक प्रक्रियाएं पूरी की जा रही हैं। परिवार के सदस्य, खासकर बहन संघमित्रा, उसे लेने के लिए अमृतसर रवाना हो चुकी हैं और गांव में उसके स्वागत की तैयारी शुरू हो गई है।
संघर्ष, उम्मीद और घर लौटने की खुशी
14 साल की जुदाई के बाद प्रसन्नजीत की वापसी पूरे परिवार के लिए भावनात्मक पल बन गई है। आर्थिक तंगी, सामाजिक दबाव और लंबी कानूनी लड़ाई के बावजूद बहन ने हार नहीं मानी। अब गांव में लोग उसके सुरक्षित लौटने की खबर से राहत महसूस कर रहे हैं और परिवार नए सिरे से जीवन शुरू करने की उम्मीद कर रहा है।