प्रतापगढ़ में एक बड़ी कार्रवाई ने पूरे यूपी में हलचल मचा दी है. मुंदीपुर गांव में पुलिस की छापेमारी के दौरान एक ऐसे घर से करोड़ों रुपये की नकदी और भारी मात्रा में नशीले पदार्थ बरामद हुए, जिसने जिले से लेकर लखनऊ के राजनीतिक गलियारों तक सनसनी फैला दी है. वायरल वीडियो में घर के हर कमरे, बिस्तर, फर्श और कुर्सियों पर नोटों की गड्डियां बिखरी दिखाई दीं. पुलिस की चार मशीनें लगातार चलती रहीं और पुलिसकर्मी घंटों तक गिनती करते रहे। कुल मिलाकर करीब 22 घंटे में नकदी की गिनती पूरी हो सकी.
गैंगस्टर राजेश मिश्रा के घर मिली ड्रग्स !
बरामदगी में लगभग 2 करोड़ रुपये कैश और करीब 1 करोड़ रुपये के नशीले पदार्थ मिले हैं. पुलिस के अनुसार ये घर प्रतापगढ़ के कुख्यात गैंगस्टर राजेश मिश्रा का है. जांच में सामने आया कि मिश्रा ने इस घर को काले धन से एक सुरक्षित ठिकाने की तरह बनाया हुआ था. पुराने और नए निर्माण के बीच एक गुप्त गलियारा भी मिला, जिसका इस्तेमाल नेटवर्क को छुपाकर चलाने के लिए किया जाता था.
जेल के अंदर से चल रहा था काला कारोबार !
सबसे बड़ा खुलासा ये है कि इस पूरे नेटवर्क को चलाने वाला राजेश मिश्रा इस समय जेल में बंद है. पुलिस के अनुसार, वह जेल से ही सप्लाई और नेटवर्क को नियंत्रित करता था, जबकि बाहर उसकी पत्नी रीना मिश्रा, बेटा विनायक और बेटी कोमल संचालन संभालते थे. रीना करीब 15 दिन पहले ही जेल से बाहर आई थी और उसके बाद से परिवार के अन्य सदस्यों के साथ मिलकर ये नेटवर्क सक्रिय रूप से चला रही थी। गांव के लोगों की मानें तो यह परिवार तीन पीढ़ियों से काले कारोबार में शामिल रहा है.
UP के कई जिलों में फैला नेटवर्क
जांच में यह भी सामने आया कि यह गैंग युवाओं को पहले सस्ते नशे से फंसाता और फिर धीरे-धीरे अपने नेटवर्क को आसपास के जिलों प्रयागराज, रायबरेली, अमेठी, जौनपुर और कौशांबी तक फैला चुका था. घर में लगे सीसीटीवी कैमरे बताते हैं कि परिवार बाहरी गतिविधियों पर लगातार नजर रखता था. इस कार्रवाई ने जिले की राजनीति में भी भूचाल ला दिया है. प्रतापगढ़ के प्रमुख नेता और राजा भैया सहित कई जनप्रतिनिधियों ने आश्चर्य जताया कि इतनी बड़ी आपराधिक गतिविधि लंबे समय से चल रही थी और इसकी भनक किसी को नहीं लगी. एसपी दीपक भूकर ने बताया कि यह अब तक की सबसे बड़ी बरामदगी है और गैंग से जुड़े हर व्यक्ति पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस पहले ही 3 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क कर चुकी है और नए खुलासों के आधार पर आगे की कार्रवाई जारी है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि इस काले धन का लाभ किन बड़े नामों तक पहुंचता था.