समाजवादी पार्टी संस्थापक मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे प्रतीक यादव की मौत को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उनकी मौत की वजह कार्डियक अरेस्ट बताई गई है। रिपोर्ट के मुताबिक फेफड़ों में खून के थक्के जमने के कारण दिल और फेफड़ों ने अचानक काम करना बंद कर दिया, जिसके चलते उनकी मौत हो गई। डॉक्टरों ने जांच के लिए खून के थक्कों का सैंपल सुरक्षित रख लिया है। शुरुआती आशंकाओं और चर्चाओं के बीच अब मेडिकल रिपोर्ट ने मौत की असली वजह साफ कर दी है। इस खबर के सामने आने के बाद परिवार और समर्थकों के बीच शोक और गहरा गया है।
गुरुवार को होगा अंतिम संस्कार
प्रतीक यादव का अंतिम संस्कार गुरुवार 14 मई को लखनऊ के पिपरा घाट पर किया जाएगा। परिवार की ओर से जानकारी दी गई है कि दोपहर 12:30 बजे अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी होगी। बुधवार से ही उनके घर पर नेताओं, समर्थकों और परिचितों का पहुंचना लगातार जारी है। यादव परिवार के करीबी लोग भी बड़ी संख्या में वहां मौजूद हैं। घर के बाहर भारी भीड़ दिखाई दे रही है और हर कोई प्रतीक यादव को अंतिम श्रद्धांजलि देने पहुंच रहा है। पूरे इलाके में गम का माहौल बना हुआ है।
नेताओं का लगातार पहुंचना जारी
प्रतीक यादव के निधन की खबर के बाद राजनीतिक गलियारों में भी शोक की लहर फैल गई है। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, संगठन महामंत्री धर्मपाल सिंह, पूर्व मंत्री मोहसिन रजा, बीजेपी सांसद साक्षी महाराज और कांग्रेस नेता पी एल पुनिया समेत कई बड़े नेता उनके घर पहुंचे। सभी नेताओं ने परिवार से मुलाकात कर दुख व्यक्त किया। अलग-अलग राजनीतिक दलों के नेताओं का एक साथ पहुंचना इस बात को भी दिखाता है कि प्रतीक यादव का व्यवहार सभी के साथ सहज और सौम्य माना जाता था। परिवार से मिलने वालों का सिलसिला लगातार बढ़ता जा रहा है।
धर्मेंद्र यादव भी हुए भावुक
सपा सांसद धर्मेंद्र यादव ने भी प्रतीक यादव के निधन पर गहरा दुख जताया। उन्होंने कहा कि सुबह करीब 6:45 बजे उन्हें सूचना मिली थी। उन्होंने बताया कि पहले स्वास्थ्य को लेकर जानकारी जरूर थी लेकिन ऐसी दुखद घटना की उम्मीद नहीं थी। धर्मेंद्र यादव ने कहा कि प्रतीक कुछ समय पहले मेदांता अस्पताल में भर्ती रहे थे और डॉक्टरों की सलाह के बाद घर लौटे थे। परिवार को उम्मीद थी कि उनकी तबीयत में सुधार हो रहा है लेकिन अचानक आई इस खबर ने सभी को तोड़ दिया। सपा नेताओं और कार्यकर्ताओं में भी गहरा दुख देखा जा रहा है।
लोगों ने बताया बेहद सरल इंसान
प्रतीक यादव के घर के बाहर मौजूद लोगों ने उन्हें बेहद सज्जन और सरल स्वभाव का इंसान बताया। स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने कभी किसी के खिलाफ कटु शब्द नहीं बोले। परिवार में राजनीतिक मतभेदों की चर्चाएं जरूर रहीं लेकिन प्रतीक यादव ने हमेशा संयम बनाए रखा। लोगों ने कहा कि उन्होंने कभी अपने बड़े भाई अखिलेश यादव के खिलाफ सार्वजनिक रूप से कुछ गलत नहीं कहा। यही वजह है कि उनके निधन की खबर सुनकर हर वर्ग के लोग दुखी हैं और बड़ी संख्या में उन्हें श्रद्धांजलि देने पहुंच रहे हैं।
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राजनीति से दूर बनाई अलग पहचान
प्रतीक यादव ने हमेशा राजनीति से दूरी बनाए रखी और खुद को फिटनेस और कारोबार तक सीमित रखा। लखनऊ में उनका फिटनेस और रियल एस्टेट से जुड़ा बड़ा कारोबार था। सोशल मीडिया पर भी उनकी फिटनेस को लेकर अलग पहचान थी। हालांकि वह बड़े राजनीतिक परिवार से आते थे लेकिन उन्होंने सार्वजनिक जीवन में कम ही दखल दिया। अब 38 साल की उम्र में उनके अचानक निधन ने पूरे यादव परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। समर्थकों और शुभचिंतकों के लिए अब भी इस खबर पर यकीन करना मुश्किल हो रहा है।