रामनगरी अयोध्या में प्रतिष्ठा द्वादशी को लेकर खास उत्साह देखने को मिल रहा है। 31 दिसंबर को होने वाले इस पावन आयोजन के लिए शहर को भव्य रूप से सजाया जा रहा है। मंदिरों, घाटों और प्रमुख मार्गों पर रंग-बिरंगी लाइटें लगाई जा रही हैं, जिससे अयोध्या एक बार फिर दिव्य और अलौकिक स्वरूप में नजर आएगी। प्रशासन और स्थानीय समितियां मिलकर तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटी हुई हैं।
राम मंदिर और सरयू घाटों पर विशेष सजावट
प्रतिष्ठा द्वादशी के अवसर पर श्रीराम जन्मभूमि मंदिर क्षेत्र और सरयू नदी के घाटों को विशेष रूप से सजाया जा रहा है। मंदिर परिसर में दीपों की श्रृंखला, फूलों की सजावट और आकर्षक विद्युत रोशनी की व्यवस्था की गई है। सरयू घाटों पर दीपदान और आरती की तैयारियां चल रही हैं, जिससे श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक अनुभव मिल सके। माना जा रहा है कि 31 दिसंबर की शाम अयोध्या का दृश्य बेहद मनमोहक होगा।
प्रशासन और सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह मुस्तैद
भारी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। यातायात व्यवस्था को सुचारु रखने के लिए विशेष प्लान तैयार किया गया है।
श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया
अयोध्या में चल रही तैयारियों को लेकर स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं में खासा उत्साह है। लोगों का कहना है कि राम मंदिर निर्माण के बाद हर बड़ा पर्व अयोध्या के लिए ऐतिहासिक बनता जा रहा है। कई श्रद्धालुओं ने बताया कि 31 दिसंबर को नए साल से पहले रामनगरी का यह दिव्य रूप देखना उनके लिए सौभाग्य की बात है। व्यापारियों को भी इस आयोजन से अच्छी उम्मीदें हैं, क्योंकि इससे धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिल रहा है।
आस्था और उत्सव का अनोखा संगम
प्रतिष्ठा द्वादशी के साथ नए साल का स्वागत अयोध्या में आस्था और उत्सव के अनूठे मेल के रूप में देखा जा रहा है। दीपों से सजी रामनगरी न केवल धार्मिक श्रद्धा का प्रतीक बनेगी, बल्कि सांस्कृतिक विरासत की भव्य झलक भी प्रस्तुत करेगी। कुल मिलाकर, 31 दिसंबर को अयोध्या एक बार फिर पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींचने के लिए तैयार है।