मध्य प्रदेश में भीषण गर्मी और हीटवेव से लोग त्रस्त हैं, लेकिन मौसम विभाग ने राहत की खबर दी है। 13 जून से बंगाल की खाड़ी में बनने वाला लो प्रेशर एरिया सुस्त पड़े मानसून को सक्रिय करेगा। 16 जून से मध्य प्रदेश में प्री-मानसून गतिविधियां शुरू होंगी, जिससे आंधी और तेज बारिश का दौर चलेगा। ग्वालियर, भोपाल, इंदौर जैसे शहरों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस को पार कर गया है, जिससे जनजीवन प्रभावित है। मौसम विभाग ने 11 जून तक हीटवेव का अलर्ट जारी किया है। 19-25 जून के बीच मानसून की दस्तक संभावित है। यह बारिश गर्मी से राहत देगी, लेकिन उमस बढ़ सकती है।
गर्मी ने तोड़ा रिकॉर्ड, ग्वालियर में 45 डिग्री पार
मध्य प्रदेश के कई शहरों में गर्मी ने हाल बेहाल कर दिया है। ग्वालियर में 24 दिन बाद दूसरी बार तापमान 45 डिग्री सेल्सियस पहुंचा, जबकि 11 जून को 46 डिग्री तक जाने की संभावना है। राजस्थान से आने वाली गर्म हवाएं 20 किमी/घंटा की रफ्तार से चल रही हैं, जिससे दोपहर में हीटवेव का असर बढ़ गया। भोपाल, इंदौर, उज्जैन जैसे शहरों में दोपहर में सड़कें सूनी हो रही हैं। मौसम विभाग के मुताबिक, जम्मू-कश्मीर में पश्चिमी विक्षोभ की कमी और बंगाल की खाड़ी से नमी न आने से मौसम शुष्क बना हुआ है।
प्री-मानसून लाएगा राहत, 16 जून से बारिश
मौसम विभाग के अनुसार, 13 जून को बंगाल की खाड़ी में लो प्रेशर एरिया बनेगा, जो सुस्त मानसून को गति देगा। 16 जून से मध्य प्रदेश में प्री-मानसून गतिविधियां शुरू होंगी, जिसमें आंधी और तेज बारिश की संभावना है। ग्वालियर-चंबल संभाग में 19-25 जून के बीच मानसून दस्तक दे सकता है। हालांकि, बारिश से तापमान में गिरावट आएगी, लेकिन उमस भरी गर्मी परेशान कर सकती है। इस साल ग्वालियर में बारिश औसत से पीछे चल रही है।
हीटवेव का अलर्ट, जनजीवन प्रभावित
मौसम विभाग ने ग्वालियर, चंबल, और बुंदेलखंड क्षेत्र में हीटवेव का येलो अलर्ट जारी किया है। अगले दो दिन मौसम शुष्क रहने से गर्मी और बढ़ेगी। दोपहर में तापमान 42-45 डिग्री के बीच रह रहा है, और गर्म हवाओं ने रात में भी राहत नहीं दी। जून का पहला सप्ताह सामान्य रहा, लेकिन दूसरे सप्ताह में गर्मी ने नौतपा जैसा अहसास कराया। लोग गर्मी से बचने के लिए घरों में कैद हैं।