उत्तर प्रदेश में मानसून की दस्तक के साथ मौसम में बड़ा बदलाव आया है. सोमवार को अधिकांश हिस्सों में बारिश हुई, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली. मौसम विभाग के अनुसार, मंगलवार को भी ऐसा ही मौसम रहेगा, जबकि बुधवार से कई स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है.
प्रदेश में बारिश का हाल
सोमवार शाम पांच बजे तक बरेली में सबसे ज्यादा 149.4 मिमी. बारिश दर्ज की गई. सहारनपुर में भी 120 मिमी. बारिश हुई. आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि तराई क्षेत्र में अच्छी बारिश हुई, जबकि पूर्वांचल में भी ठीकठाक बारिश हुई. गोंडा में 83 मिमी. बस्ती में 56, और लखीमपुर खीरी में 66.4 मिमी. बारिश रिकॉर्ड की गई. इससे प्रदेश के अधिकांश जिलों में तापमान सामान्य से नीचे आ गया और उमस भरी गर्मी से राहत मिली.
तापमान में गिरावट
तापमान में 2-4 डिग्री की गिरावट आई. अगले तीन से चार दिन में 3-7 डिग्री तक हो सकती है. प्रदेश के पश्चिमी और पूर्वी हिस्सों में बारिश के साथ 40 से 50 किमी. प्रति घंटा की रफ्तार से हवा मंगलवार को भी चलती रहेगी. इस दौरान गरज-चमक के साथ वज्रपात की भी आशंका है. 18 और 19 जून को भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है.
वज्रपात की चेतावनी
मौसम विभाग ने 17 और 18 जून को सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, देवरिया, गोरखपुर, संतकबीर नगर, बस्ती, कुशीनगर, सिद्धार्थनगर, गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती और बहराइच जिलों में वज्रपात की चेतावनी जारी की है. नागरिकों को सुरक्षित रहने और मौसम से संबंधित दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है.
किसानों के लिए राहत और नुकसान
बारिश से धान और गन्ना बोआई का इंतजार कर रहे किसानों को राहत मिली है. किसान सर्वेश के मुताबिक, अब धान और गन्ने की खेती शुरू होगी. अच्छी बारिश से खेत जलमग्न हुए हैं, जिससे सिंचाई की जरूरत नहीं. वहीं तरावट से बोआई और रोपाई का काम शुरू हो जाएगा. हालांकि, आम, जामुन और सब्जियों की फसल को नुकसान होने की आशंका जताई गई है.
कुल मिलाकर मानसून की सक्रियता से प्रदेश में मौसम में बदलाव आया है. जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिली है, लेकिन किसानों को अपनी फसलों के लिए सतर्क रहने की आवश्यकता है.